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भारत आए अमरीकी रक्षा मंत्री ने पाक को दी चेतावनी, कहा- बख्शे नहीं जाएंगे आतंकियों के पनाहगार

मैटिस पीएम मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से भी मुलाकात करेंगे।

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US DEFENCE SECRETARY JAMES Mattis

नई दिल्ली। अमरीकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस मंगलवार को भारत पहुंचे। इस दौरान उनकी समकक्ष भारत की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने उनका स्वागत किया। मैटिस पीएम मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से भी मुलाकात करेंगे।
इसके बाद जेम्स मैटिस ने निर्मला सीमारमण से आधिकारिक मुलाकात की। मामले में जानकारी देते हुए रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि उन्होंने आतंकवाद के मुद्दे पर जेम्स से चर्चा की। इस दौरान दोनों देशों में साझेदारी बढ़ाने वाले मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

बैठक के बाद अमरीकी रक्षा मंत्री ने इंडिया गेट पर पहुंच कर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने इशारों इशारों में पाकिस्तान पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आतंकियों की मदद करने और उन्हें पनाह देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत और अमरीका मिलकर इस दिशा में काम करेंगे। वहीं उन्होंने अफगानिस्तान में भारत द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी सराहना की।

इन डीलों पर नजर
भारत को अपने दुश्मन देशों पर नजर रखने के लिए हाईटेक ड्रोन्स और कुछ लड़ाकू विमानों की जरूरत है। उम्मीद जताई जा रही है कि अमरीकी रक्षा मंत्री के इस दौरे के दौरान ड्रोन डील पर कोई फैसला हो सकता है। वहीं लड़ाकू विमानों के प्रोजेक्ट को हासिल करने के लिए दुनिया की 6 बड़ी कंपनियां मैदान में हैं। इसमें से एक कंपनी लॉकहीड मार्टिन अमरीका की है। जो अमरीकी सेना के लिए हाईटेक लड़ाकू विमान बनाती है। ये कंपनी भारत को एफ-16 ब्लाक 70 देना चाहती है।

वहीं दूसरी ओर भारतीय वायुसेना को 100 सिंगल इंजन वाले लड़ाकू विमानों की जरूरत है। मेक इन इंडिया योजना के तहत कुछ अमरीकी कंपनियां इसमें शामिल हो रही है, लेकिन अभी प्रोजेक्ट में कुछ मुश्किलें आ रही हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि अमरीकी रक्षा मंत्री के दौरे के दौरान सभी मुद्दों को सुलझा लिया जाएगा।

अफगानिस्तान में भारत की मदद चाहता है अमरीक
हाल ही में अमरीक ने अपनी नई साउथ एशिया पॉलिसी लागू की है। इस पॉलिसी में पाकिस्तान को ज्यादा महत्व नहीं दिया गया है। ऐसे में अमरीक अफगानिस्तान में भारत की मदद चाहता है। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी अफगानिस्तान मसले पर भारत के कार्यों की सरहना कर चुके हैं। वहीं इस दौरान आतंकवाद के मुद्दे पर फिर से पाकिस्तान को घेरा जा सकता है।