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शहीद की पत्नी बोली- कश्मीर के युवाओं को दिखाना है सही रास्ता

कुपवाड़ा में शहीद कर्नल संतोष महादिक की पत्नी स्वाति महादिक सशस्त्र सीमा बल की परीक्षा पास करने के बाद ट्रेनिंग के लिए चेन्नई स्थित प्रशिक्षण केंद्र में शामिल हो चुकी हैं। पासिंग परेड पास करने के बाद उन्हें भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में पहली पोस्टिंग मिलेगी।

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ashutosh tiwari

Jul 04, 2017

Swati Mahadik

Swati Mahadik

चेन्नई। कुपवाड़ा में शहीद कर्नल संतोष महादिक की पत्नी स्वाति महादिक सशस्त्र सीमा बल की परीक्षा पास करने के बाद ट्रेनिंग के लिए चेन्नई स्थित प्रशिक्षण केंद्र में शामिल हो चुकी हैं। सतारा कॉलेज से स्नातक कर चुकी स्वाति ने चेन्नई जाने से पहले पुणे विश्वविद्यालय से अपना शारीरिक प्रशिक्षण शुरू किया था। इस वर्ष पासिंग परेड पास करने के बाद उन्हें भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में पहली पोस्टिंग मिलेगी। स्वाति का कहना है कि वो सेना में शामिल होकर कश्मीर के गुमराह युवाओं को सही रास्ता दिखाना चाहती हैं।
पति की शहादत ने झकझोरा
स्वाति के पति कर्नल संतोष यशवंत महादिक 17 नवंबर को जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हो गए थे। पति की मौत के दो महीने गुजरने के बाद स्वाति ने सेना में जाकर अपने देश की सेवा करने की इच्छा जताई थी। गणतंत्र दिवस पर संतोष को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था।

परिवार को हुई हैरानी
शहीद संतोष के भाई यशवंत घोरपड़े ने कहा कि हमें बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि इस मुश्किल घड़ी में वह ऐसा फैसला ले सकती हैं। हम परिवार को हौसला बंधा रहे थे, लेकिन उन्होंने अपने फैसले से हमें हैरान कर दिया। यशवंत ने कहा था कि जिस दिन वह मेरे भाई की तरह सेना में जाएंगी, उस दिन मैं बहुत गर्व महसूस करूंगा।
उम्र है नियम से ज्यादा
स्वाति की उम्र सेना में शामिल होने की तय सीमा से अधिक है। शॉर्ट सर्विस कमिशन के नियमानुसार, सेना में भर्ती होने के लिए अधिकतम आयु सीमा 27 साल है। इसे लेकर स्वाति ने मंत्रालय को पत्र लिखकर अनुरोध किया था। विशेष परिस्थितियों को देखते हुए मंत्रालय ने उनकी अर्जी को स्वीकार कर लिया। इसके बाद स्वाति ने भर्ती के सभी पांच राउंड भी क्लियर किए। तब जाकर उन्हें चेन्नई ट्रेनिंग सेंटर भेजा गया।

बच्चों को भी सेना में भेजना चाहती हैं स्वाति
स्वाति चाहती हैं कि उनके बच्चे भी सेना में शामिल होकर देश की सेवा करें। उनके 11 साल और पांच साल के दो बेटे हैं। स्वाति की मां विजया ने अपनी बेटी के इस हौरान कर देने वाले फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि पहले हमारे दामाद ने हमें गर्वान्वित किया और अब हमारी बेटी देश की सेवा कर हमारा सिर ऊंचा करने जा रही है।

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