शहीद संतोष के भाई यशवंत घोरपड़े ने कहा कि हमें बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि इस मुश्किल घड़ी में वह ऐसा फैसला ले सकती हैं। हम परिवार को हौसला बंधा रहे थे, लेकिन उन्होंने अपने फैसले से हमें हैरान कर दिया। यशवंत ने कहा था कि जिस दिन वह मेरे भाई की तरह सेना में जाएंगी, उस दिन मैं बहुत गर्व महसूस करूंगा।