19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आतंकियों के खिलाफ सरकार का बड़ा कदम, कश्मीर में तैनात की जल-थल-वायु सेना की स्पेशल फोर्सेज

तीनों सेनाओं के संयुक्त अभियान के लिए एएफएसओडी की स्थापना। घाटी में तीनों सेनाओं के स्पेशल कमांडोज कर रहे हैं कार्रवाई। एएफएसओडी पहले दो संयुक्त अभियान भी चला चुकी है।

2 min read
Google source verification
Special Forces of Indian Army, Navy and Air Force

Special Forces of Indian Army, Navy and Air Force

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में जारी सियासी ड्रामे से अलग केंद्र सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ ऐतिहासिक रूप से पहली बार एक बड़ा कदम उठाया है। कश्मीर घाटी में आतंक-विरोधी कार्रवाई के लिए जल-थल-वायु सेना की स्पेशल फोर्सेज को संयुक्त रूप से तैनात किया है। रक्षा मंत्रालय के इस कदम के पीछे दो उद्देश्य हैं। पहला कि घाटी से आतंकवाद का सफाया हो, और दूसरा कि तीनों सेनाओं के बीच समन्वय बेहतर हो।

बिग ब्रेकिंगः भारत ने सेना में शामिल की ऐसी चीज, पूरी दुनिया में बज गया डंका, दुश्मनों के छूटेंगे पसीने और होगा आतंकियों का सफाया..

रक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस संबंध में बताया कि इन तीनों स्पेशल फोर्सेज में थल सेना की आर्मी पैरा, नौसेना के मैरीन कमांडोज की मार्कोज और वायुसेना की गरुड़ का नाम शामिल है। इन तीनों स्पेशल फोर्सेज को कश्मीर घाटी में रक्षा मंत्रालय के नवीनतम आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल ऑपरेशंस डिविजन (एएफएसओडी) के तहत तैनात किया गया है।

बड़ी खबरः भारत सरकार ने इस मजबूत राष्ट्र से मांगे उसके सबसे खतरनाक... इनके आते ही इन देशों के उड़ जाएंगे होश...

उन्होंने आगे बताया कि इन तीनों सेनाओं के विशेष बल का घाटी में पहुंचना शुरू भी हो चुका है और आर्मी पैरा के सदस्य श्रीनगर के पास आतंक के प्रमुख गढ़ माने जाने वाले इलाके में पहुंच भी चुके हैं। इसके अलावा मार्कोज और गरुड़ के जवान भी पूरी तरह जल्द ही आतंक विरोधी अभियान के लिए यहां पहुंचने वाले हैं।

बड़ी खबरः मोदी सरकार लेने जा रही है बड़ा फैसला... केंद्रीय मंत्री ने किया बड़ा खुलासा... इसके बाद हो जाएगी इतनी मुश्किल..

वैसे नौसेना की मार्कोज और वायुसेना की गरुड़ की छोटी टीमें कश्मीर घाटी में कार्रवाई कर रही हैं और ऐसा पहली बार हुआ है जब तीनों सेनाओं को एक साथ यहां पर तैनात किया गया है। मार्कोज कमांडोद को वुलर झील के आसपास तैनात किया गया है तो गरुड़ कमांडोज लोलब और हाजिन इलाके में कार्रवाई में जुटे हैं।

बड़ी खबरः महाराष्ट्र में हुए उलटफेर पर सबसे बड़ा खुलासा... इस शख्स के दिमाग की थी प्लानिंग... सबसे पहले इन्हें टार्गेट किया..

तीनों सेनाओं की स्पेशल फोर्सेज को कश्मीर घाटी में संयुक्त रूप से तैनात करने के पीछे एक उद्देश्य यह भी है कि वे संयुक्त रूप से रीयल टाइम ऑपरेशन के दौरान काम करना सीखें। इससे पहले एएफएसओडी अलग-अलग स्थानों पर दो बार ऐसे अभ्यास आयोजित कर चुकी है। इनमें कच्छ और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह शामिल हैं। एएफएसओडी के पहले प्रमुख मेजर जनरल अशोक ढींगरा हैं।