रविवार को विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद हेमंत बिस्वा सरमा ने राज्यपाल जगदीश मुखी के पास मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया और सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया।
गुवाहाटी। असम में विधानसभा चुनाव परिणाम सामने आने के बाद से सबकी नजरें इस बात पर टिकीं थीं कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। अब इस राज से पर्दा उठ गया है और असम को उनका नया मुख्यमंत्री मिल गया है। चुनाव में प्रचंड बहुमत के साथ जीत दर्ज करने वाली भाजपा ने इस बार राज्य नेतृत्व में परिवर्तन करते हुए हेमंत बिस्वा सरमा को राज्य का अगला मुख्यमंत्री घोषित किया है।
भाजपा नेतृत्व ने रविवार को हेमंत बिस्वा सरमा को विधायक दल का नेता चुना। अब वे सोमवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इससे पहले रविवार को हेमंत बिस्वा ने राज्यपाल जगदीश मुखी के पास मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया और सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया।
बता दें कि असम में भाजपा विधायक दल के नेता के रूप में चुने गए हिमंत बिस्वा सरमा सोमवार को दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। राज्यपाल जगदीश मुखी ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, "चूंकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के पास असम विधानसभा में स्पष्ट बहुमत था, इसलिए उन्होंने सरकार बनाने का दावा भी किया। राज्यपाल ने उनके दावे को स्वीकार कर लिया और उन्हें सरकार बनाने के लिए कहा।"
भाजपा ने 75 सीटों पर जीत हासिल की
आपको बता दें कि कार्यवाहक मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल और विधायक दल के अन्य नेता सरमा के साथ आए और राज्यपाल को विधायकों के समर्थन की सूची सौंपी। मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने पहले ही दिन राजभवन में मुखी से मुलाकात की और नई सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त करने के लिए अपने मंत्रिपरिषद के साथ अपना इस्तीफा सौंप दिया।
मालूम हो कि प्रदेश की सत्ता पर काबिज भाजपा विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत हासिल कर वापस सत्ता पर काबिज हुई है। भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने असम में कुल 126 निर्वाचन क्षेत्रों में से 75 सीटें जीतकर सहज बहुमत हासिल किया।
भाजपा ने अकेले 33 फीसदी वोट शेयर के साथ 60 सीटें हासिल की हैं। जबकि सहयोगी दल असोम गण परिषद (एजीपी) ने 9 और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी, लिबरल (यूपीपीएल) ने 6 सीटें हासिल की हैं।