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अटल जी के निधन पर शोक वक्त कर रहे थे अमित शाह, बगल में खड़े रोए जा रहे थे रविशंकर प्रसाद

अटल बिहारी वाजपेयी ने निधन पर पूरे देश में शोक की लहर है। वहीं, उनकी मृत्यु पर जब बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह शोक व्यक्त कर रहे थे तभी उनके बगल में खड़े केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद रो रहे थे।

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amit shah

अटल जी के निधन पर शोक वक्त कर रहे थे अमित शाह, बगल में खड़े रोए जा रहे थे रविशंकर प्रसाद

नई दिल्ली। देश की राजनीति का चमकता तारा, राजनीति के अजातशत्रु , महामानव पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी हमारे बीच नहीं रहे। गुरुवार शाम को उनका निधन हो गया। इसके बाद पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। उनकी मृत्यु पर सात दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है। उनके निधन पर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने मीडिया के सामने भी शोक व्यक्त किया। इस समय उनके साथ केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, जेपी नड्डा और पीयूष गोयल मौजूद थे।

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मीडिया को संबोधित करते भावुक दिखे शाह और रविशंकर

मीडिया को संबोधित करते हुए शाह और रविशंकर बेहद भावुक नजर आए। बीजेपी अध्यक्ष ने पूर्व प्रधानमंत्री के निधन पर पार्टी की ओर से गहरी संवेदना व्यक्त की। अमित शाह ने अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि भारतीय राजनीति का एक चमकता सितारा अब हमारे बीच नहीं रहा। वे बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। उनके जाने से देश की राजनीति को बड़ा झटका लगा है। हमने अपने अजातशत्रु को खो दिया है।

अटल जी के जाने से राजनीति के साथ साहित्य और पत्रकारिता की भी क्षति हुई

बीजेपी अध्यक्ष ने कहा अटल जी के जाने से राजनीति ही नहीं साहित्य की भी क्षति हुई है। साहित्य ने भी अपना एक कवि को खोया है। वहीं, पत्रकारिता ने एक स्वभावगत पत्रकार को खोया है और देश की संसद ने गरीबों की आवाज को खोया है। शाह ने कहा ये क्षति कभी भर नहीं पाएगी। देश उन्हें युगों-युगों तक याद करेगा।

नहीं रुक रहे थे रविशंकर के आंसू

शाह ने आगे कहा कि बीजेपी ने अपना पहला राष्ट्रीय अध्यक्ष खोया है और करोड़ों युवाओं ने अपनी प्रेरणा को। उन्होंने कहा कि उनका व्यक्तित्व बहुआयामी था। उन्होंने हम सभी कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शक किया है। बता दें कि जिस समय अमित शाह पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उस समय रविशंकर उनके साथ ही खड़े थे। उन्होंने पत्रकारों को संबोधित नहीं किया, उनकी आंखे नम थीं। अटल जी के जाने का दुख उनकी आंखों से साफ झलक रहा था। रविशंकर बार-बार अपने आंसू पोंछ रहे थे।

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