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2020 तक बेकार हो जाएंगे क्रेडिट कार्ड, एटीएम कार्ड और पीओएस मशीनें

कैशलेस इकोनोमी के चलते अभी जिन क्रेडिट और एटीएम कार्ड का उपयोग सबसे ज्यादा हो रहा है वो 2020 तक बेकार हो जाएंगे।
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Sweta Pachori

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Updated: 8 Jan 2017, 9:04 AM IST

cashless payment

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नई दिल्ली। कैशलेस इकोनोमी के चलते अभी जिन क्रेडिट और एटीएम कार्ड का उपयोग सबसे ज्यादा हो रहा है वो 2020 तक बेकार हो जाएंगे। एटीएम कार्ड, डेबिट कार्ड के साथ ही प्वाइंट ऑफ सेल्स मशीनें यानि पीओएस मशीन भी अगले तीन साल में बेमानी हो जाएंगी। इस बात का दावा किया नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभकांत ने।

भारत में तीन साल में बिलकुल बदल जाएगा ट्रांजेक्शन

नीति आयोग के अमिताभ कांत ने कहा कि भारत आज वित्तीय प्रौद्योगिकी और सामाजिक नवोन्मेष दोनों क्षेत्रों में भारी उठापटक के दौर से गुजर रहा है। नोटबंदी के बाद वित्तीय क्षेत्र में बहुत ये नए प्रयोग हुए हैं। यही उठापटक भारत को काफी आगे ले जाएगी। अमिताभ कांत ने एक सम्मेलन में कहा कि अगले ढाई साल में 2020 तक भारत में सभी तरह के डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, एटीएम मशीनें और पीओएस मशीनें पूरी तरह से बेकार हो जाएंगी। शनिवार को प्रवासी भारतीयों के सम्मेलन 2017 के एक सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने ये सब बातें कही।

हर भारतीय को अगंूठा लगाकर मिलेगा पैसा

उन्होंने आगे कहा कि भारत सीधे एक बड़ी छलांग लगाएगा। बदलती टेक्रोलॉजी के चलते हर व्यक्ति सिर्फ अपना अगंूठा लगाकर तीस सैकेंड में लेनदेन कर सकेगा। युवा प्रवासी भारतीय दिवस को संबोधित करते हुए कांत ने कहा कि हम इस समय देश में डिजिटल तरीकों से भुगतान को तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं और इसमें कई नए तरीकों के सामने आने से काफी उठापटक चल रही है।

एक अरब हुए इंडिया में मोबाइल कस्टमर्स

उन्होंने कहा कि इस उठापटक के बीच भारत ने बायोमेट्रिक में काफी प्रगति की है। जल्द ही इसमें हमें काफी सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा कि भारत में व्यापक तौर पर नकदी से चलने वाली अर्थव्यवस्था रही है लेकिन अब यहां एक अरब के करीब मोबाइल ग्राहक हैं और इतने ही बायोमेट्रिक भी हैं। उन्होंने कहा कि भारत को अनौपचारिक से औपचारिक अर्थव्यवस्था बनने की जरूरत है। अब तक यहां केवल दो से ढाई प्रतिशत लोग ही कर का भुगतान करते रहे हैं।