11 अगस्त 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सुप्रीम कोर्ट में बोले अटॉर्नी जनरल- मी लॉर्ड! लोग बहुत दूर से आते हैं इसलिए पर्याप्त सुनवाई हो

अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में ज्यादातर मामलों को पर्याप्त सुने बिना ही खारिज करने पर प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष अंसतोष व्यक्त किया।
less than 1 minute read
Google source verification
48 घंटे के भीतर चार जजों की नियुक्ति पर CJI हैरान, कहा- लॉ मिनिस्ट्री ही दे सकती है इसका जवाब

48 घंटे के भीतर चार जजों की नियुक्ति पर CJI हैरान, कहा- लॉ मिनिस्ट्री ही दे सकती है इसका जवाब

नई दिल्ली। अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में ज्यादातर मामलों को पर्याप्त सुने बिना ही खारिज करने पर प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष अंसतोष व्यक्त किया।

कर संबंधी एक मामले में राजस्थान सरकार की ओर पेश वेणुगोपाल ने कहा, 'न्याय की आस में लोग हजारों मील दूर से यहां आते हैं। वे पीछे खड़े होकर कोर्ट को देखते हैं। उनके वकील मामले को पढ़ते हैं और आप कह देते हैं खारिज। यह सही नहीं है। कोर्ट को उनकी बात सुननी चाहिए। आप दूसरे कोर्ट की प्रक्रिया देखिए।'

इस पर प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने कहा, हम आपकी बातों को सही भावना के साथ ले रहे हैं, लेकिन यह मानकर मत चलिए कि हम तथ्यों पर ध्यान नहीं देते। हम मामला पढ़कर आते हैं। इसके बाद उन्होंने अटॉर्नी जनरल को केंद्र की ओर से मामले में जिरह करने की अनुमति दे दी।

बता दें कि रंजन गोगोई ने सीजेआई का पदभार संभालते ही वकीलों के मेंशनिंग पर रोक लगा दी थी। उन्होंने कहा था कि जब तक काफी अर्जेंट मामला न हो, मेंशनिंग की अनुमति नहीं होगी। बीते 8 अक्टूबर को ही पूर्व प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की सेवानिवृत्ति के बाद बतौर सीजेआई रंजन गोगोई की नियुक्ति हुई थी। गोगोई ने दीपक मिश्रा के साथ भी काम किया था।

बड़ी खबरें

View All

विविध भारत

ट्रेंडिंग