14 अक्टूबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बाबा रामदेव ने लॉन्च की कोरोना की नई दवा, WHO से सर्टिफाइड ‘कोरोनिल’

योगगुरु बाबा रामदेव कोरोना की नई दवा लॉन्च की पतंजलि का दावा नई दवा साक्ष्यों पर आधारित WHO ने भी किया सर्टिफाइड
2 min read
Google source verification

•

image

Dheeraj Sharma

•

Feb 19, 2021

Yog Guru baba ramdev

योग गुरु बाबा रामदेव कोरोना की दवा लॉन्च करते हुए

नई दिल्ली। योगगुरु बाबा रामदेव ( Baba Ramdev ) ने कोविड-19 के लिए नई दवा 'कोरोनिल टैबलेट' लॉन्च की है। शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में रामदेव के साथ केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री हर्षवर्धन और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद थे। रामदेव ने दावा किया कि पतंजलि रिसर्च इंस्टिट्यूट की यह दवा विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (WHO) से सर्टिफाइड है।

दावा है कि WHO ने इसे GMP यानी 'गुड मैनुफैक्‍चरिंग प्रैक्टिस' का सर्टिफिके‍ट दिया है। रामदेव ने इस मौके पर एक रिसर्च बुक भी लॉन्‍च की है।

चीन ने पहली बार कबूला, गलवान की खूनी झड़प में मारे गए थे उसके चार सैनिक, हिंसा के आठ महीने बाद ड्रैगन को आई याद

इस मौके पर रामदेव ने कहा कि यह दवा 'एविडेंस बेस्‍ड' है। बाबा रामदेव ने जानकारी दी कि पतंजलि के कोरोनिल (Patanjali Coronil) टैबलेट से अब कोविड का इलाज होगा। उन्होंने दावा किया कि आयुष मंत्रालय ने करोनिल टैबलेट को सहायक दवाई के तौर पर स्वीकार किया।

रामदेव ने कहा, कोरोनिल के संदर्भ में नौ रिसर्च पेपर दुनिया के सबसे ज्‍यादा प्रभाव वाले रिसर्च जर्नल्‍स में प्रकाशित हो चुके हैं। जबकि 16 रिसर्च पेपर पाइपलाइन में हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा की दुनिया में भारत पूरी दुनिया में लीड करेगा।

ये बोले डॉ. हर्षवर्धन
डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि कोरोना काल में आयुर्वेद पद्धति पर लोगों का विश्वास बढ़ा है, कोरोना से पहले आयुर्वेद का मार्केट हर साल 15 फीसदी बढ़ रहा था, लेकिन अब ये बढ़कर 50 से 90 फीसदी तक पहुंच गया है। दुनियाभर के लोगों को विश्वास अब आयुर्वेद की ओर बढ़ रहा है।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, 'पतंजलि के अनुसंधान का देश को फायदा तो होगा ही, पर वैज्ञानिक रूप से यह काम करने के लिए बाबा रामदेव और आचार्च बालकृष्ण को धन्यवाद करता हूं।

आपको बता दें कि इससे पहले करोनील टैबलेट को सिर्फ इम्यूनिटी बूस्टर कहा गया था। दरअसल पतंजलि ने पिछले साल जून में 'कोरोना किट' लॉन्‍च की थी। इसपर खासा विवाद हुआ था।

नासा ने एक बार फिर अंतरिक्ष में रचा इतिहास, मंगल पर की रोवर की सफल लैंडिंग, जानिए क्या होगा फायदा

आयुष मंत्रालय ने कहा था कि पतंजलि 'कोरोनिल' को केवल शरीर की ‘रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने' वाली बताकर बेच सकता है।

उत्तराखंड के आयुष विभाग ने भी कोरोना की दवा बनाने की कोई अनुमति या लाइसेंस नहीं लिए जाने की बात कहते हुए पतंजलि आयुर्वेद को नोटिस जारी किया था।

बड़ी खबरें

View All

विविध भारत

ट्रेंडिंग