12 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कौन है विनय दुबे जिसकी बात सुनकर बांद्रा स्टेशन पहुंच गए मजदूर, जानें उससे जुड़ी खास बातें

Bandra Migrant Gathering : विनय दुबे 'चलो घर की ओर' नाम से एक कैंपेन चला रहा था वह मुंबई में रह रहे प्रवासी मजदूरों को सही सलामत उनके घर पहुंचाने का कर रहा था दावा

2 min read
Google source verification
vinay1.jpg

Bandra Migrant Gathering

नई दिल्ली। प्रवासी मजदूरों (Migrant Laborers) को गुमराह कर उन्हें मुंबई के बांद्रा रेलवे स्टेशन पर करने वाले शख्स को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसका नाम विनय दुबे (Vinay Dubey) है। बताया जाता है कि उसने मजदूरों को सही सलामत घर पहुंचाने के लिए 'चलो घर की ओर' नाम से एक कैंपेन चला रखा है। विनय ने इस बात की जानकारी खुद अपने फेसबुक अकाउंट (Facebook Account) पर शेयर की थी। तो आखिर कौन है विनय दुबे, जिसके चलते मुंबई में इतना हंगामा मचा, आइए जानते हैं।

समाज सेवक होने का करता है दावा
विनय ने अपने फेसबुक अकाउंट पर जो डिटेल्स लिखी है, उसके मुताबिक वह नवी मुंबई का रहने वाला है। वह खुद को एक उद्यमी और सामाजिक कार्यकर्ता बताता है। उसने महाराष्ट्र में फंसे प्रवासी मजदूरों के लिए 40 बसों का इंतजाम किए जाने की जानकारी अपने फेसबुक में एक पोस्ट के जरिए दी। उसने यह भी कहा कि ये पूरी तरह से नि:शुल्क होगी। हालांकि इस बारे में राज्य सरकार से अभी कोई अनुमति नहीं मिली है। विनय के इस वीडियो को करीब 15 हजार से ज्यादा बार शेयर किया गया है।

देशव्यापी आंदोलन की दी थी चेतावनी
विनय ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक और पोस्ट शेयर की थी। जिसमें उसने 18 अप्रैल तक ट्रेनें के शुरू न होने पर देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी भी दी थी।

राज ठाकरे के साथ किया है मंच साझा
मनसे प्रमुख राज ठाकरे देश में एक बड़ा नाम है। बताया जाता है कि प्रवासी मजदूरों को गुमराह करने वाले विनय दुबे के राज ठाकरे से भी संबंध रहे हें। उसने अपने फेसबुक पर राज ठाकरे के साथ मंच साझा करने की एक तस्वीर भी शेयर की थी। इतना ही नहीं वह विधानसभा चुनाव की उम्मीदवारी के लिए भी खड़ा हुआ था। उसे एनसीपी ने टिकट दिया था। जिसकी तस्वीर उसने सोशल साइट पर शेयर की थी।

दूसरे नेताओं से भी है कनेक्शन
विनय दुबे के दूसरे नेताओं से भी कनेक्शन होने की बात सामने आई है। उसने अपने ट्विटर (Twitter) अकाउंट पर कुछ ट्वीट किए थे, जिसमें उसकी एनसीपी नेताओं से करीबी झलकती है। उसने एक ट्वीट और भी किया था जिसमें उसने लिखा था कि उसके पिता ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई के लिए महाराष्ट्र सरकार को अपने जीवन की सारी कमाई दान कर दी। उसने इसे स्वीकारने के लिए गृह मंत्री अनिल देशमुख के साथ ही मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का आभार भी जताया है।

पिता रिक्शा चालक, खुद चार पहिए की करता है सवारी
बताया जाता है कि विनय दुबे के पिता रिक्शा चालक हैं। जबकि वह खुद 4 पहिए की गाड़ियों में घूमता है। उसके बड़े-बड़े लोगों से ताल्लुक हैं। इसी के चलते वह लोगों को 40 बसों में निशुल्क तरीके से उन्हें बिहार और यूपी तक पहुंचाने का दावा कर रहा था।