
नई दिल्ली। भारत और बांग्लादेश के बीच सोमवार को 6 समझौतों (एमओयू) पर दस्तखत हुए हैं। भारत के विदेश सचिव विजय केशव गोखले और बांग्लादेश के विदेश सचिव मुहम्मद शहीदुल हक के बीच ढाका के स्टेट गेस्ट हाउस पदमा में हुई द्विपक्षीय बातचीत में इन समझौतों पर सहमति बनी। इस दौरान भारत ने रोहिंग्या मसले के शांतिपूर्ण समाधान में सहयोग करने तथा तीस्ता जल वितरण समझौते पर जल्द दस्तखत की प्रतिबद्धता जताई। ढाका में हुई बैठक के दौरान भारत के उच्चायुक्त हर्षवर्धन श्रिंगला और बांग्लादेश के विभिन्न मंत्रालयों के मंत्रियों ने अपने-अपने पक्ष से संबंधित समझौतों पर दस्तखत किए।
ढाका में सुबह हुई थी बैठक
बांग्लादेश के एक अखबार के मुताबिक, दोनों देशों के विदेश सचिवों की बैठक सुबह 9 बजे शुरू हुई थी और यह दोपहर 12.20 बजे तक चली। गोखले बांग्लादेश के दो दिवसीय दौरे पर रविवार को ढाका पहुंचे थे। वह मंगलवार सुबह भारत के लिए रवाना होंगे। विदेश सचिव विजय केशव गोखले ने बताया कि बांग्लादेश में शिक्षा, संस्कृति, स्वास्थ्य, सड़क आदि सामाजिक-आर्थिक विकास कार्यों के लिए भारत करीब 1600 करोड़ टका की मदद करेगा।
इन 6 समझौतों पर हुई बातचीत
1 असम के नुमालीगढ़ से बांग्लादेश के पार्बतीपुर के बीच मैत्री पाइपलाइन बनाने के लिए एमओयू।
2 भारत के प्रसार भारती और बांग्लादेश के बेतार के बीच एमओयू।
3 ढाका यूनिवर्सिटी में आईसीसीआर उर्दू चेयर की स्थापना के लिए एमओयू।
4 जीसीएनईपी-बीएईसी इंटर एजेंसी एग्रीमेंट।
5 बांग्लादेश के 500 स्कूलों में लैंग्वेज लैब की स्थापना के लिए एमओयू।
6 रंगपुर शहर में सड़कों के विकास के लिए दो एमओयू।
द्विपक्षीय बैठक के दौरान भारत की ओर से गोखले ने कहा कि म्यांमार के रखाइन प्रांत से आने वाले लाखों विस्थापितों के सहयोग के लिए मानवीय भावना दिखाने में बांग्लादेश का कदम सराहनीय है। उन्होंने कहा कि भारत इस संकट को हल करने में पूरा सहयोग करने को तैयार है। भारत ने पिछले साल सितंबर में 'ऑपरेशन इंसानियत' के तहत बांग्लादेश सरकार को 3 लाख लोगों के लिए राहत सामग्री भेजी थी।
भारत शरणार्थी शिविरों को भेजेगा राहत सामग्री
गोखले ने कहा कि मानवीय सहायता के दूसरे चरण में भारत कॉक्स बाजार के शरणार्थी शिविरों के लिए राहत सामग्री भेजेगा। इसके तहत खासकर इस बार महिलाओं और बच्चों की जरूरत के सामान जैसे मिल्क पाउडर, बेबी फूड, कुकिंग स्टोव, कुकिंग ईंधन, रेनकोट आदि भेजे जाएंगे। वहीं बांग्लादेश के विदेश सचिव शहीदुल हक ने कहा कि हमें यह जानकर खुशी हुई है कि भारत रोहिंग्या संकट का शांतिपूर्ण समाधान चाहता है और इस संबंध में सहयोग भी करना चाहता है।
उन्होंने कहा कि भारत ने यह भी प्रतिबद्धता जताई है कि तीस्ता जल वितरण समझौते पर जल्द से जल्द दस्तखत किए जाएंगे। बता दें कि इससे पहले पीएम मोदी के बांग्लादेश दौरे और बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना के भारत दौरे के दौरान भी दोनों देशों के बीच कई समझौतों पर दस्तखत हुए थे।
Updated on:
09 Apr 2018 06:51 pm
Published on:
09 Apr 2018 06:46 pm
बड़ी खबरें
View Allविविध भारत
ट्रेंडिंग
