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सरकार ने क्यों छिपा रखी हैं भगत सिंह से जुड़ी फाइलें: अभय सिंह 

राजस्थान पत्रिका समूह के कार्यक्रम कीनोट्स में शहीदे आजम भगत सिंह के भतीजे अभय सिंह संधू भी शामिल होंगे

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siddharth tripathi

Mar 04, 2016

bhagat singh nephew abhay singh sandhu

bhagat singh nephew abhay singh sandhu

जयपुर। राजस्थान पत्रिका समूह की ओर से होने वाला वार्षिक कार्यक्रम कीनोट्स शुक्रवार यानी 4 मार्च से होटल मैरियट में शुरू हो गया है। कार्यक्रम में शहीदे आजम भगत सिंह के भतीजे अभय सिंह संधू भी शामिल होंगे। इस दो दिवसीय आयोजन में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी नामी हस्तियां शिरकत कर रही हैं। कार्यक्रम के विभिन्न सेशन्स में देश के वर्तमान हालात, आजादी के समय की स्थिति और वर्तमान परिस्थिति पर भी चर्चा होगी। इनमें राजनेता, संघर्षों से आगे बढ़ कर अपनी पहचान बनने वाले, शहीदों के परिजन और बॉलीवुड से जुड़े लोग शामिल हैं। ये सभी अपने-अपने क्षेत्र की संघर्ष गाथा को भी साझा करेंगे।

नेताजी सुभाष चन्द्र बोस और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के परिजनों की तरह ही शहीद भगत सिंह के परिवार वाले भी मांग करते रहे हैं कि उनके पूर्वज से जुड़ी जानकारियां भी सार्वजनिक की जाए। भगत सिंह के परिवार की मांग है कि उनको लेकर जो मुकदमा अंग्रेज सरकार ने चलाया था, उस मुकदमे से जुड़ी फाइलें सार्वजनिक की जाए। शहीदे आजम भगत सिंह के भतीजे 57 वर्षीय अभय सिंह संधू ने यह मांग जोर-शोर से उठाई है।

कड़ी गोपनीयता में रखी गई है शहीदे आजम से जुड़ी फाइलें
उनका दावा है कि शहीदे आजम से जुड़ी फाइलों को कड़ी गोपनीयता में रखा गया है। उनका यह भी दावा है कि उनके परिवार पर सुरक्षा एजेंसियों द्वारा सालों तक निगाह रखी जाती रही है। वह कहते हैं कि यह बात लगभग सभी लोगों को जानते है कि उनके दादा अजीत सिंह भी फ्रीडम फाइटर थे। ब्रिटिश खुफिया के लोग हमेशा ही उन पर नजर रखते थे। आर्यसमाज की विचारधारा को मानने वाला शहीदे आजम का परिवार हमेशा ही ब्रिटिश सरकार की आंखों में चुभता रहा था।

आजादी के बाद भी भगत सिंह के परिवार पर रखी गई नजर
संधू का दावा है कि आजादी के बाद भी उनके परिवार पर खुफिया विभाग की नजर रही है। उन्होंने मांग की है कि दादा अजित सिंह और चाचा भगत सिंह से जुड़ी फाइलें सार्वजनिक की जाए। संधू कहते हैं कि उनका परिवार वो सब कुछ जानना चाहते हैं जो ब्रिटिश सरकार उनके दादा और चाचा के बारे में सोचती थी। वह सवाल करते हैं कि सरकार सभी रिकॉर्ड छिपाकर क्यों रखे हुए हैं। उसे सामने क्यों नहीं ला रही है।

भगत सिंह के नाम पर हो चंडीगढ़ एयरपोर्ट का नाम
अभय सिंह ने यह भी मांग की है कि चंडीगढ़ एयरपोर्ट का नामकरण शहीदे आजम के नाम पर हो। अपने एक बयान में अभय सिंह ने कहा कि भगत सिंह के सपने को पूरा करने के लिए आज के युवाओं को उनके द्वारा बताए मार्ग पर चलने की जरूरत है। भगत सिंह का सपना पूरा करने के लिए सिर्फ जोश से ही बात नहीं बनती, इसलिए त्याग की भावना भी जरूरी है।

कौन हैं अभय सिंह संधू
अभय सिंह सरदार भगत सिंह के छोटे भाई सरदार कुलबीर सिंह के पुत्र हैं। कुलबीर का जन्म 1914 में हुआ था। कुलबीर फिरोजपुर से जनसंघ के विधायक भी रहे हैं। संधू ने बताया कि उनके पिता कुलबीर सिंह ने भी राष्ट्रीय अभिलेखागार में रखी फाइलों को सार्वजनिक करने की मांग की थी। 1983 में पिता की मौत हो जाने के बाद उन्होंने भी यह मांग उठाई पर निराशा ही हाथ लगी है।

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