13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बाईचुंग भूटिया ने दिया TMC को झटका, भाजपा में जाने की चर्चा

भारत के स्‍टार फुटबॉल खिलाड़ी रहे बाईचुंग भूटिया ने TMC के सभी पदों से इस्‍तीफा दिया।

2 min read
Google source verification

image

Dhirendra Kumar Mishra

Feb 26, 2018

bhaichung bhutiya

नई दिल्‍ली. सोमवार को तृणमूल कांग्रेस के नेता व भारत के चर्चित स्‍टार फुटबॉल खिलाड़ी बाईचुंग भूटिया ने टीएमसी के सभी पदों से इस्‍तीफा देकर सीएम ममता बनर्जी को चौका दिया। इस बात की जानकारी उन्‍होंने खुद ट्वीटर की जरिए दी है। उन्‍होंने अपने ट्वीट में बताया कि आज से मैं टीएमसी के सभी पदों से इस्तीफा दे रहा हूं। अब मैं, किसी पार्टी का सदस्य नहीं हूं। न ही किसी पार्टी से जुड़ने जा रहा हूं। हालांकि कयास लगाए जा रहे हैं कि वो भाजपा से जुड़ सकते हैं।

भाजपा से जुड़ने का खुला ऑफर
जानकारी के मुताबिक भाजपा ने उन्‍हें पार्टी से जुड़ने का खुला ऑफर दिया है। सिक्किम भूटिया का गृहराज्‍य है और वहां पर एसडीएफ के साथ मिलकर भाजपा सरकार चला रही है। भूटिया के करीबी सूत्रों का कहना है कि नई पार्टी ज्‍वाइन करने के बारे में वह आने वाले दिनों में कोई घोषणा कर सकते हैं। भूटिया ने 2013 में लोकसभा चुनावों से पहले टीएमसी जॉइन की थी। भूटिया ने 2014 में टीएमसी के टिकट से ही दार्जीलिंग लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। उन्हें लोकसभा चुनावों में दार्जीलिंग सीट से बीजेपी के एसएस अहलुवालिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद 2016 में भूटिया ने विधानसभा चुनाव में हाथ आजमाया। ममता की जबरदस्त लहर के बावजूद भी बाईचुंग चुनावी जीत हासिल नहीं कर पाए। विधानसभा चुनाव में उन्‍हें सिलिगुड़ी सीट से वाममोर्चा के अशोक भट्टाचार्य ने करारी शिकस्त दी थी।

गोरखालैंड की मांग का समर्थन
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद से बाईचुंग भूटिया अपने गृह राज्‍य सिक्किम में सक्रिय हैं। उन्‍होंने अंतरराष्ट्रीय करियर से 2011 में संन्यास लिया था। उन्‍होंने 104 मैचों में करीब 40 गोल किए । 2011 में फुटबॉल से रिटायर होने के बाद बाइचुंग ने राजनीति में प्रवेश किया था। इसके लिए बाइचुंग ने उसी राज्य को चुना, जहां से उन्हें खिलाड़ी के रूप में काफी लोकप्रियता हासिल हुई। भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान ने 2013 में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस को ज्‍वॉइन किया। पद्मश्री से सम्मानित भूटिया ने पिछले दिनों अपनी पार्टी से खिलाफ जाकर अलग गोरखालैंड राज्य की मांग का समर्थन किया था।