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भारत बंद LIVE: बिहार में बस और रेल सेवा प्रभावित, मध्‍य प्रदेश में बाजार बंद

सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बदलकर मोदी सरकार द्वारा पहले की स्थिति को बहाल करना सवर्णों के साथ अन्‍याय है।

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भारत बंद LIVE: एससी-एसटी एक्‍ट के खिलाफ सवर्णों का बंद आज, एमपी में 144 लागू, बिहार में एनएच जाम

नई दिल्‍ली। मोदी सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटते हुए एससी-एसटी एक्ट में संशोधन कर मूल स्वरूप में बहाल करने पर सवर्णों का आज भारत बंद है। इस बंद का आह्वान कई संगठनों द्वारा किया गया है। एमपी के दस जिलों में धारा 144 लागू है। देश भर में बंद का असर दिखने लगा है। बिहार में बंद के दौरा हिंसक झड़पों की सूचना है। पटना, मधुबनी, आरा, खगडि़या, छपरा, मुजफ्फरपुर, तैमूर जैसे शहरों में प्रदर्शनकारियों ने रेल और बस सेवाओं को बाधित कर दिया है। मध्‍य प्रदेश में पेट्रोल पंपों को एहतियातन बंद घोषित कर दिया गया है। बाजार में सन्‍नाटा छाया हुआ है।

मधुबनी, छपना और आरा में बंद का असर
बिहार के छपरा में सवर्णों ने एनएच-19 पर जाम लगा दिया है। बड़ी संख्या में लोग मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर सड़कों पर उतरे हैं। मधुबनी में सवा आठ बजे के करीब सवर्ण आंदोलनकारियों ने एनएच-105 पर जाम लगा दिया। लोग केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर कर रहे हैं। आरा में सवर्णों ने आरा रेलवे स्टेशन के पास लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस को रोक दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि एससी-एसटी कानून में जल्द बदलाव नहीं किया गया तो इससे भी बड़ा आंदोलन देश में होगा। मोदी सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद एससी-एसटी एक्‍ट को बदलकर सवर्णों को गुलाम बनाने की कोशिश की है। सरकार का यह फैसला सवर्णों के साथ अन्‍याय है। उन्‍होंने कहा कि इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्‍त नहीं करेंगे।

एमपी के दस जिलों में धारा 144
मध्यप्रदेश के दस जिलों में भारत बंद को मद्देनजर धारा 144 लागू है। भिंड, ग्वालियर, मोरेना, शिवपुरी, अशोक नगर, दतिया, श्योपुर, छत्तरपुर, सागर और नरसिंहपुर में धारा 144 लागू की गई है। इस दौरान यहां पर पेट्रोल पंप, स्कूल, कॉलेज बंद रहेंगे। ग्वालियर में स्कूल-कॉलेजों को बंद रखने के आदेश दिये गये हैं। इसी तरह राजस्‍थान, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, महाराष्‍ट्र, गुजरात, पंजाब, हरियाणा कर्नाटक की सरकारों ने भी बंद को देखते हुए पुलिस को सतर्क रहने को कहा गया है। साथ ही हिंसक घटनाओं से सख्‍ती से निपटने के निर्देश दिए गए हैं।

दलित संगठनों ने भी बुलाया था बंद
आपको बता दें कि इससे पहले एससी/एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में दलित संगठनों ने दो अप्रैल को भारत बंद बुलाया था। सबसे ज्यादा हिंसा मध्य प्रदेश के ग्वालियर और चंबल संभाग में हुई थी। इस वजह से इस बार प्रशासन भारत बंद को देखते हुए पूरी तरह सतर्क है। बिहार, यूपी सहित अन्‍य राज्‍यों में हिंसक घटनाएं हुईं थीं।

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