
Virginity Test
पुणे: भारत भले ही इस समय तेजी से विकास करने वाले देशों की सूची में शामिल हो, लेकिन देश में महिलाओं को लेकर पुरुषों की रूढ़िवादी मानसिकता कई जगहों पर देखी जाती है। समाज और सोसाइटी के नाम पर कई जगह महिलाओं को रूढ़िवादी परंपराओं का सामना करना पड़ता है। ऐसी ही एक परंपरा की वजह से कंजारभाट समाज की महिलाएं आए दिन खुद पर अत्याचार करती हैं।
सुहागरात से पहले होता है वर्जिनिटी टेस्ट
दरअसल, पुणे के पिंपरी इलाके में कंजारभाट समुदाय के लोग रहते हैं। पिछले काफी समय से इनके समुदाय में एक परंपरा चली आ रही है कि किसी भी महिला की शादी के बाद और उसकी सुहागरात से पहले उसका वर्जिनिटी टेस्ट किया जाता है। दुल्हनों की सुहागरात पर वर्जिनिटी टेस्ट करने की परंपरा इस समुदाय में काफी सालों से चली आ रही है। परंपरा के तहत गांव की पंचायत दुल्हा-दुल्हन को सुहागरात के दिन रात को सफेद चादर देती है। अगले दिन अगर उस चादर लाल निशान पाए जाते हैं, तो दुल्हन इस टेस्ट में पास कर दी जाती है। अगर चादर पर निशान नहीं मिलते हैं, तब उस पर किसी और संबंध बनाने के आरोप लग जाते हैं। पंचायत के टेस्ट के लिए दुल्हन की सहमति नहीं ली जाती है।
विरोध करने पर हाल ही 3 लोगों की हुई थी पिटाई
कई बार कंजरभाटा समुदाय की इस परंपरा का विरोध भी हुआ है, लेकिन विरोध करने वालों पर विरोध करना भारी पड़ जाता है। हाल ही में इस परंपरा के खिलाफ आवाज उठाने वाले 3 लोगों की पिटाई कर दी गई थी। मामला 21 जनवरी के आसपास का है, जब भटनगर इलाके में एक शादी के बाद कुछ युवक इस परंपरा का विरोध करने पहुंचे। खबरों के मुताबिक, उन्हीं के समुदाय के लोगों ने उनकी बुरी तरह पिटाई कर दी। इस मामले में 40 लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई थी। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
विरोध में बना 'स्टॉप द वी' ग्रुप
वर्जिनिटी टेस्ट के विरोध में कंजरभट समुदाय के ही कुछ युवाओं ने 'स्टॉप द वी' नाम से एक वॉट्सएप ग्रुप बनाया। जिसमें 50 से ज्यादा लोग जुड़े हुए हैं। इस ग्रुप की मेंबर ने बताया कि वी का मतलब वर्जिनिटी टेस्ट है। इसी ग्रुप के तीन लोगों को पीटा गया था।
Published on:
26 Jan 2018 04:08 pm
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