
सीडीएस बिपिन रावत
नई दिल्ली। चीफ ऑफ डिफेंस ( CDS ) बिपिन रावत ( Bipin Rawat )ने चीन के साथ संबंधों को लेकर पड़ोसी मुल्क नेपाल को अलर्ट किया है। रावत ने कहा है कि नेपाल को श्रीलंका समेत अन्य देशों से सीख लेनी चाहिए।
सीडीएस ने नेपाल को नसीहत दी कि अंतरराष्ट्रीय मामलों में निर्णय लेने के लिए वह स्वतंत्र है, लेकिन श्रीलंका का हश्र देखकर उसके सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत की सद्भावना किसी डोर से नहीं जुड़ी है।
पड़ोसी मुल्क नेपाल को सीडीएस जनरल बिपिन रावत सीधी नसीहत दी है। ये नसीहत है चालक देश चीन से दोस्ती ना बढ़ाने की। रावत ने कहा है कि श्रीलंका समेत अन्य देशों ने चीन से दोस्ती कर इसका अंजाम भुगता है। ऐसे में नेपाल को सावधान रहने की जरूरत है।
रावत ने कहा कि नेपाल को श्रीलंका और अन्य देशों से सीखना चाहिए, जिन्होंने इस क्षेत्र के अन्य देशों के साथ भी समझौते किए हैं।
जनरल रावत का ये बयान तब आया है जब चीन कई परियोजनाओं के साथ हिमालयी राष्ट्र में अपने प्रभाव का विस्तार कर रहा है। बिपिन रावत ने इसके साथ ही नेपाल और भारत के बीच मजबूत संबंध की तुलना हिमालय की ऊंचाई और हिंद महासागर की गहराई से की।
ऐसे की भारत-नेपाल दोस्ती की तुलना
सीडीएस रावत ने भारत-नेपाल के बीच मजबूत संबंध पर जोर देते हुए जनरल रावत ने कहा कि दोनों देशों के बीच का संबंध हिमालय जितना ऊंचा और हिंद महासागर जितना गहरा है।
रावत ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों की महत्ता को दोहराया और कहा कि भारत और नेपाल अद्वितीय हैं और सदियों से मौजूद हैं। इनके बीच काफी पवित्र और मजबूत संबंध हैं।
चीन से युद्ध को लेकर बड़ा बयान
डीआरडीओ के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में युद्ध की नौबत आती है तो हम स्वदेशी हथियारों से दुश्मन को हराएंगे। उन्होंने कहा कि हम देख रहे हैं कि देश में प्राइवेट सेक्टर हथियार बनाने को लेकर काफी प्रेरित है। उन्हें आपके समर्थन की आवश्यकता है।
रावत ने कहा कि जिस तरह से हम आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं, ये बहुत जरूरी है कि डीआरडीओ पूरी लगन के साथ काम करती रहे।
Published on:
18 Dec 2020, 2:19 PM IST
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