
नई दिल्ली।चमकी बुखार ( Chamki Bukhar ) यानी एक्यूट इंसेफ्लाइटिस से बिहार में अब तक 160 से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है। अकेले मुजफ्फरपुर में इस बीमारी से 132 बच्चों की मौत हो चुकी है। हालांकि, बारिश होने के कारण इसका प्रकोप कम होते नजर आ रहा है। इधर, दिल्ली में इस बीमारी को लेकर सियासत लगातार जारी है। इंडियन यूथ कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन करते हुए केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन के आवासा का घेराव किया।
चमकी बीमारी से हुई बच्चों की मौत पर गुरुवार को इंडियन यूथ कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन के आवास का घेराव करते हुए जमकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सरकार और स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। वहीं, पुलिस ने मामले को शांत कराने के लिए कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया है।
नालंदा में भी 'चमकी'
बिहार में बारिश के साथ ही मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार ( Chamki Bukhar ) का प्रकोप कम होने लगा है। लेकिन, इस बुखार ने अब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा में भी दस्तक दे दी है। इस बीमारी से यहां एक बच्चे की मौत हो गई है। इसके अलावा चमकी फीवर ने राज्य के कई जिलों में दस्तक दे दी है।
ये जिले भी हैं प्रभावित
मुजफ्फरपुर के अलावा पूर्वी चंपारण, वैशाली, समस्तीपुर, सीतामढ़ी, औरंगाबाद, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, दरभंगा, गया, जहानाबाद, किशनगंज, नालंदा, पश्चिमी चंपारण, पटना, पूर्णिया, शिवहर, सुपौल जिलों में भी चमकी का कहर जारी है। मुजफ्फरपुर के बाद चमकी बुखार से सबसे ज्यादा मौतें पूर्वी चंपारण में हुई है। यहां अब तक 21 बच्चों की मौत हो चुकी है।
राज्यसभा में पीएम ने भी मुद्दा उठाया
बुधवार को संसद के उच्च सदन राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी चमकी बुखार का जिक्र किया था। पीएम मोदी ने कहा कि यह हमारे लिए नाकामी है और शर्मिंदगी की बात है। पीएम ने कहा कि हम लगातार राज्य सरकार से संपर्क में हैं और कोशिश करेंगे की आगे से इस तरह का संकट न आए।
Updated on:
27 Jun 2019 01:27 pm
Published on:
27 Jun 2019 01:01 pm
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