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लॉकडाउन में ट्यूशन पढ़ाने वाली टीचर सोशल मीडिया पर ट्रोल, चंडीगढ़ पुलिस ने ट्रोलर्स को चेताया

Highlight - सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद महिला टीचर को किया जाने लगा ट्रोल - बच्चे के साथ पुलिस पहुंची थी महिला टीचर के घर

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Chandigarh police

Chandigarh police

नई दिल्ली। पंजाब में कोरोना वायरस ( Coronavirus ) के प्रकोप को कम करने के लिए कर्फ्यू लगा हुआ है। हाल ही में राज्य सरकार ने उस कर्फ्यू को बढ़ाकर 17 मई तक कर दिया है। इसके बावजूद भी कुछ लोग मनमानी करने से बाज नहीं आ रहे। पुलिस ने ऐसी एक ट्यूशन टीचर को फटकार लगाई, जो लॉकडाउन ( Lockdown ) में इस वक्त भी क्लास ले रही थी, लेकिन लड़की को डांट लगाते हुए पुलिस का वीडियो वायरल हो गया, जिसके बाद ट्रोलर्स ने उसका जीना दुष्वार कर दिया। बटाला पुलिस ने खुद अपनी गलती मानी है कि उस 18 वर्षीय टीचर को ऑनलाइन ट्रोल का सामना करना पड़ा।

डीसीपी ने ट्रोलर्स को दी चेतावनी

छह दिन पहले चंडीगढ़ से एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक 6 साल का बच्चा पुलिस को अपनी ट्यूशन टीचर के पास ले जाता नजर आ रहा था। पुलिस उसकी टीचर को कर्फ्यू का उल्लंघन करने के लिए डांट लगाई। वीडियो देखकर जहां एक तरफ बच्चे के ईमानदारी को इंटरनेट पर लोग जमकर सराह रहे थे, वहीं लड़की को बुरी तरह निशाना बनाया जाने लगा। मामला हाथ से निकलते देख आखिरकार पुलिस को दखल देना पड़ा। इसके बाद पुलिस टीम का नेतृत्व कर रहे DSP ने इसपर सफाई भी दी और ट्रोलर्स को चेतावनी भी जारी की

DSP ने दी सफाई और ट्रोलर्स को चेतावनी

DSP ने माना कि यह वीडियो सोशल मीडिया पर नहीं जाना चाहिए था। लेकिन उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि न तो उनकी टीम ने यह रिकॉर्डिंग की थी,नाहीं इस वीडियो को उनकी तरफ से शेयर किया गया था। पुलिस ने एक वीडियो मैसेज जारी करके ट्रोलर्स को संदेश भी दिया कि अगर किसी ने अब उस लड़की को ट्रोल किया तो उसके खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी और उसपर कड़ी करवाई होगी।

25 अप्रैल को वायरल हुआ था वीडियो

आपको बता दें कि, 25 अप्रैल को यह वीडियो वायरल हुई थी। जिसके बाद लोगों के टीचर को निशाना बनाया। 28 अप्रैल को पुलिस दोबारा उनके घर गयी और बाद में ट्रोलर्स के खिलाफ वीडियो संदेश भी जारी किया। पुलिस ने कहा कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि मामला इस तरह बिगड़ जाएगा। हालांकि, उन्होंने कहा कि पुलिस ने उन्हें डांटकर कोई गलती नहीं की थी।

घरवालों ने कहा मामला बेवजह बढ़ाया गया

दूसरी तरफ, लड़की के घरवालों का आरोप है कि उनकी बेटी की कोई गलती नहीं है, उसे जानकर फंसाया जा रहा है। वहीं, एक पड़ोसी ने बताया कि ट्यूशन टीचर इस वक्त पढ़ाने के पैसे नहीं ले रही थी। बच्चे भी मास्क पहनकर पढ़ने गए थे। ऐसे में इस बात को बेवजह बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया।