
नई दिल्ली। भारत ने अंतरिक्ष में सबसे बड़ी उड़ान भर ली है। सोमवार को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ( ISRO ) ने चंद्रयान-2 का सफल प्रक्षेपण किया। इसके बाद इसरो चीफ के सिवान ने कहा कि chandrayaan-2 से चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने की भारत की ऐतिहासिक यात्रा की ये शुरुआत है।
'निर्धारित कक्षा पहुंचा चंद्रयान-2'
मिशन कंट्रोल सेंटर से सिवान ने वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे घोषणा करते हुए बेहद खुशी हो रही है कि जीएसएलवी-एमके3-एम1 ने चंद्रयान-2 को निर्धारित कक्षा में स्थापित कर दिया है।
'24 घंटे में दूर हुई गड़बड़ी'
वैज्ञानिकों से बात करते हुए इसरो चीफ भावुक भी हो गए। सिवन ने कहा कि पिछले दिनों खराबी का पता चलते ही इसरो की पूरी टीम एक्शन में आ गई थी। सबने मिलकर अगले 24 घंटों में गड़बड़ी के मूल कारणों का पता लगा लिया।
'किसी को नहीं थी घर की फिक्र'
टीम ने सब कुछ 24 घंटों के भीतर ही ठीक भी कर लिया। इस दौरान सातों दिन किसी को घर जाने की याद तक नहीं आई। यह प्रक्षेपण इसरो की मेहनती टीम के कारण संभव हो पाया है। मैं आपको दिल से सलाम करता हूं।
Updated on:
22 Jul 2019 09:32 pm
Published on:
22 Jul 2019 09:31 pm
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