उत्तराखंड में बारिश से तबाही, चमोली में बादल फटने से 2 लोगों की मौत और कई मलबे में दबे

बारिश से उत्तराखंड की चारधाम यात्रा भी बाधित हो रही है, जिससे श्रद्धालुओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

नई दिल्ली। देश में मानसून की दस्तक लोगों के लिए आफत लेकर आई है। पिछले कई दिनों से मानसून की बारिश ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। मैदानी इलाकों के साथ-साथ पहाड़ी क्षेत्रों में भी आफत की बारिश लगातार अपना कहर ढ़ा रही है।

खबर है कि उत्तराखंड में गढ़वाल के चमोली में शुक्रवार तड़के बादल फटने से दो लोगों की मौत हो गई। घटना चमोली जिले में जोशीमठ से करीब 50 किमी दूर नीती बार्डर एरिया में मलारी के भापकुंड क्षेत्र की है, जहां गुरुवार रात से भारी बारिश का कहर जारी है। बताया जा रहा है कि भारी बारिश के कारण बादल फटने से बीआरओ के पांच मजदूरों मलबे में दब गए। जिसमें से दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई और तीन गंभीर रूप से घायल हो गए। खबर है कि दो मृतक मजदूरों के शव मलबे से निकाले जा चुके हैं।

गुजरात में अलर्ट: खतरे से खाली नहीं अगले पांच दिन, बाढ़ के लिए केंद्र ने जारी किया विशेष फंड

वहीं बारिश से उत्तराखंड की चारधाम यात्रा भी बाधित हो रही है, जिससे श्रद्धालुओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे उत्तराखंड के लिए भारी बताए हैं। मौसम विभाग ने उत्तराखंड के लिए चेतावनी भी जारी कर दी है। बादल फटने की खबर मिलते ही आपदा प्रबंधन की टीम को फौरन घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया गया है।

मीडिया रिपोर्टस की मानें तो पिछले कई घंटों से बदरीनाथ हाईवे भी बंद है। बदरीनाथ यात्री मार्ग के खुलने के इंतजार में मार्गों पर ही फंसे हुए हैं।

लेकिन बताया जा रहा है कि हेमकुंड की यात्रा जारी है। उत्तरकाशी में गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग थेरांग और गंगनानी के पास से बंद हो गया है। सीमा सुरक्षा संगठन (बीआरओ) के मजदूर मार्ग को साफ करने और सुचारु रूप से यात्रा को संचालित करने में लगे हुए है।

Kiran Rautela Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned