
Kejriwal
मुंबई। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर चल रहे एक मुकदमे का फैसला शुक्रवार को आ गया है। मुंबई की शिवड़ी कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए अरविंद केजरीवाल समेत सात आरोपियों को बरी कर दिया है।
बिना इजाजत रैली करने का लगा था आरोप
आपके बता दें कि सीएम केजरीवाल पर ये मामला मुंबई के मानखुर्द इलाके में बिना इजाजत रैली करने का चल रहा था। उन पर आरोप था कि उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान इस इलाके में बिना इजाजत के रैली की थी। इस मामले में अरविंद केजरीवाल के अलावा आप कार्यकर्ता मेधा पाटकर एवं मीरा सन्याल का भी नाम शामिल था। इन सभी के खिलाफ महाराष्ट्र पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था।
क्या कहा पी के देशपांडे ने
मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट पी के देशपांडे ने फैसला सुनाते हुए कहा कि पुलिस आरोपियों को रैली के लिए मनाही को लिखित रूप में देने में नाकाम रही।
क्या था मामला
उत्तर पूर्व मुंबई के मानखुर्द इलाके में आप उम्मीदवारों मीरा सन्याल और मेधा पाटकर के चुनाव प्रचार के तहत यह रैली आयोजित की गयी थी। मुंबई पुलिस ने दावा किया था कि रैली ''अनिर्धारित थी और यातायात पुलिस से जरूरी मंजूरी लिए बिना आयोजित की गयी। मार्च, 2014 में केजरीवाल और अन्य के खिलाफ उपनगरीय मानखुर्द पुलिस थाने में शिकायत दर्ज की गयी थी। केजरीवाल, सन्याल और अन्य आरोपी शुक्रवार को अदालत में मौजूद रहे, जबकि पाटकर अनुपस्थित रहीं।
कई मानहानि के मुकदमों में केजरीवाल ने मांगी थी माफी
आपको बता दें कि सीएम केजरीवाल पर इससे पहले मानहानि के कई मुकदमे चल रहे थे, जिनको लेकर हाल ही में उन्होंने माफी मांगकर उनको खत्म कर दिया है। सबसे चर्चित मानहानि का केस वित्त मंत्री अरुण जेटली के साथ रहा था।
मुख्य सचिव मारपीट के मामले में आरोपी हैं केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल इस समय दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ बदसलूकी और मारपीट के केस से घिरे हुए हैं। इस मामले में केजरीवाल के साथ-साथ डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और 13 अन्य आप नेता आरोपी हैं। उनपर आरोप हैं कि 19 फरवरी 2018 की रात को सीएम आवास पर अंशु प्रकाश के साथ केजरीवाल की मौजूदगी में कई आप नेताओं ने मारपीट की थी। दिल्ली पुलिस ने आप के दो विधायकों को गिरफ्तार भी किया था।
Published on:
28 Sept 2018 06:01 pm
बड़ी खबरें
View Allविविध भारत
ट्रेंडिंग
