13 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Delhi में बिगड़ सकते हैं COVID-19 के हालात, रेजिडेंट डॉक्टर्स ने दी काम ना करने की चेतावनी

कोरोना के कहर से जूझती दिल्ली ( Coronavirus In Delhi ) के दरियागंज स्थित कस्तूरबा गांधी अस्पताल ( hospital ) और हिं‍दू राव अस्पताल की कहानी। दोनों अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ( rda ) ने पत्र लिखकर अस्पताल प्रमुखों को दी चेतावनी। वेतन नहीं, काम नहीं का फैसला या फिर सामूहिक इस्तीफा ( mass resignation ) देने की मजबूरी।

2 min read
Google source verification

image

Amit Kumar Bajpai

Jun 11, 2020

Resident Doctors says No Pay No work, mass resignation

Resident Doctors says No Pay No work, mass resignation

नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी ( Coronavirus Pandemic ) के बढ़ते मामलों से जूझ रही दिल्ली ( coronavirus s In Delhi ) में डॉक्टर्स ( Resident Doctors ) की नाराजगी ने हालात को और चिंताजनक बना दिया है। तनख्वाह ना मिलने से नाराज राजधानी ( Delhi news ) के दो अस्पतालों ( hospital ) के डॉक्टर्स और हेल्थ वर्कर्स ( health workers news ) ने तत्काल भुगतान न होने पर सामूहिक इस्तीफा ( mass resignation ) देने की धमकी दी है। रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ( rda ) ने वेतन नहीं, काम नहीं ( No Pay No Work ) की चेतावनी देते हुए एक पत्र लिखकर अपनी समस्याएं बताते हुए कार्रवाई की मांग की है।

कोरोना वायरस मरीजों के इलाज का भारी-भरकम बिल देने वाले निजी अस्पतालों की बढ़ी मुश्किलें

एसोसिएशन का कहना है कि उनकी मांगें पूरी ना होने के हालात में वो इस्तीफा भी सौंप सकते हैं। इनमें दरियागंज स्थित कस्तूरबा गांधी अस्पताल और हिं‍दू राव अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर्स की एसोसिएशन शामिल है।

कस्तूरबा गांधी अस्पताल की एसोसिएशन ने एडिशनल मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को लिखे पत्र में बकाया वेतन के भुगतान पर कार्रवाई करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने मांगें ना पूरी होने पर सामूहिक इस्तीफा देने या फिर नो पे नो वर्क का भी जिक्र किया है।

पत्र के मुताबिक रेजिडेंट डॉक्टर्स को बीते 3 महीनों से तनख्वाह ( salary ) नहीं दी गई है। कोरोना वायरस महामारी ( COVID-19 in india ) जैसे वैश्विक संकट के बावजूद वे स्वयं और परिवार की चिंता किए बिना दिन-रात काम में जुटे हैं। तनख्वाह न मिलने से उनके लिए घर का किराया देना, आने-जाने में खर्च करना और रोजमर्रा के सामान की खरीदारी करना दुश्वार हो रहा है।

एसोसिएशन के मुताबिक वे बिना भुगतान के काम नहीं कर सकते, इसलिए बकाया वेतन का जल्द भुगतान किया जाए। उन्होंने अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर 16 जून तक वेतन नहीं दिया गया तो वे सामूहिक इस्तीफा सौंपने के लिए मजबूर होंगे।

दिल्ली में कोरोना वायरस का कम्यूनिटी ट्रांसमिशन? स्वास्थ्य मंत्री ने किया बड़ा खुलासा

वहीं, मलकागंज स्थित हिं‍दू राव अस्पताल और एनडीएमएमसी के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोशिसशन ने चार माह के बकाया वेतन के भुगतान की मांग उठाई है। अस्पताल के एमएस को बीते 30 मई को लिखे पत्र में इस ओर ध्यान दिए जाने की बात कही गई है।

एसोसिएशन के मुताबिक तनख्वाह नहीं मिलने से उन्हें काफी परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। ऐसा लग रहा है कि वाजिब मांगों को भी अनसुना किया जा रहा है। 18 जून तक बकाया वेतन देने की मांग की गई है। पत्र के मुताबिक रेजिडेंट डॉक्टर्स यह सूचित कर रहे हैं कि सभी नो पे नो वर्क का फैसला मजबूर होकर ले रहे हैं। इसके अलावा अगर तनख्वाह नहीं दी गई तो सभी चिकित्सकों को सामूहिक इस्तीफा ( mass resignation ) देने के लिए भी मजबूर होना पड़ेगा।

बड़ी खबरें

View All

विविध भारत

ट्रेंडिंग