धवन के निधन से कांग्रेस में शोक की लहर है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने दुख व्यक्त किया है। राहुल गांधी ने कहा कि धवन के निधन से पार्टी को अपूर्णिय क्षति हुई है।
नई दिल्ली: वरिष्ठ कांग्रेस नेता आर के धवन का निधन हो गया। आर के धवन लंबे समय से बीमार चल रहे थे। 81 साल की उम्र में धवन ने आखिरी सांस ली है। धवन राज्यसभा सांसद भी रह चुके हैं। आर के धवन देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के निजी सचिव रहे हैं। वह 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के प्रत्यक्षदर्शी थे। धवन 2012 में 74 साल की उम्र में शादी किए थे। मंगलवार को आर के धवन का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
कांग्रेस में शोक की लहर
धवन के निधन से कांग्रेस में शोक की लहर है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने दुख व्यक्त किया है। राहुल गांधी ने कहा कि धवन के निधन से पार्टी को अपूर्णिय क्षति हुई है। उनकी जगह की भरपाई नहीं की जा सकती है। वहीं यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी आरके धवन के निधन पर दुख जाहिर किया है। सोनिया गांधी ने कहा कि धवन के जाने से पार्टी और देश को बड़ा नुकसान है। कांग्रेस हमेशा उनके योगदान को याद करेगी। इसके अलावा कांग्रेस वरिष्ठ नेताओं ने धवन के निधन पर संत्वाना जताई है।
भीष्म नारायण सिंह भी नहीं रहे
वहीं 2 अगस्त को पलामू के धरती पुत्र और पूर्व राज्यपाल डॉ. भीष्म नारायण सिंह का निधन नई दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में हो गया। वे 87 वर्ष के थे। वे पिछले कुछ दिनों से बीमार थे। हर्ट अटैक से उनका निधन हो गया। उनके निधन पर पूरा राजनीतिक माहौल गमगीन हो गया है।
एमएम जैकब का 7 जुलाई को निधन
इससे पहले 7 जुलाई को केरल के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और मेघालय के पूर्व राज्यपाल एमएम जैकब ने 92 साल की उम्र में आखिरी सांस ली थी। जैकब लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनका इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा था। जैकब कई बीमारियों से ग्रस्ति थे। वह 1995 से 2007 तक मेघालय के राज्यपाल रहे। वह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और पीवी नरसिम्हा राव की कैबिनेट में मंत्री भी रहे।