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आयुर्वेद संस्थान की रिपोर्ट: फीफाट्रोल दवा से कोरोना का मरीज 6 दिन में ठीक हो गया

Highlights. केंद्र सरकार से संबद्ध आयुर्वेद संस्थान ने कोरोना के मरीजों को फीफाट्रोल दवा के साथ-साथ क्वाथ, शेषमणि वटी और लक्ष्मीविलास रस भी दिया जर्नल ऑफ आयुर्वेद केस रिपोर्ट में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक 6 दिन की खुराक लेने के बाद मरीज की रिपोर्ट निगेटिव आई फीफाट्रोल दवा पर भोपाल एम्स के डॉक्टर भी शोध कर चुके हैं, जिसके बाद इसे आयुर्वेदिक एंटिबायोटिक उपनाम दिया गया

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Ashutosh Pathak

Nov 03, 2020

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नई दिल्ली.

कोरोना के इलाज में आयुर्वेदिक दवा के प्रभावी होने का दावा अब केंद्र सरकार के संस्थान ने किया है। अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) के डॉक्टरों की ओर से किए गए शोध में दावा किया गया है कि फीफाट्रोल नाम की आयुर्वेदिक दवा से कोरोना मरीज को सिर्फ छह दिन में स्वस्थ्य कर वायरस को निगेटिव करने में सफलता हासिल हुई है।

नई दिल्ली स्थित केंद्र सरकार के इस संस्थान ने अपने अध्ययन में फीफाट्रोल के साथ-साथ आयुर्वेद के ही क्वाथ, शेषमणि वटी और लक्ष्मीविलास रस का भी सेवन करवाया था। फीफाट्रोल दवा पर भोपाल एम्स के डॉक्टर भी अध्ययन कर चुके हैं। इसके बाद उन्होंने इस दवा को आयुर्वेद एंटीबॉयोटिक का उपनाम दिया था। जर्नल ऑफ आयुर्वेद केस रिपोर्ट में यह शोध प्रकाशित हुआ है।

इस शोध में रोग निदान एवं विकृ‌ति विज्ञान के डॉ. शिशिर कुमार मंडल ने कहा है कि इस दौरान मरीज को पूरी तरह से आयुर्वेद का ही उपचार दिया गया था। महज छह दिन में ही मरीज स्वस्थ्य हो गया। इनका कहना है कि अब इस फार्मूले का ज्यादा से ज्यादा मरीजों पर अध्ययन किया जाना चाहिए।

फीफाट्रोल में सुदर्शन घन वटी, संजीवनी वटी, गोदांती भस्म, त्रिभुवन कीर्ति रस व मत्युंजय रस का मिश्रण है। वहीं तुलसी, कुटकी, चिरायता, गुडुची, करंज, दारुहरिद्रा, अपामार्ग व मोथा भी हैं। आयुष क्वाथ में दालचीनी, तुलसी, काली मिर्च और सुंथी है। इसे घर पर भी तैयार किया जा सकता है।