केंद्र सरकार ने कोरोना वैक्सीन के दाम तय किए, जल्द रेट लिस्ट को कोविन ऐप पर डाला जाएगा

स्वास्थ्य मंत्रालय ने वैक्सीन की नई रेट लिस्ट जारी की है। पीएम नरेंद्र मोदी ने बीते सोमवार को देश के नाम संबोधन में कोरोना वैक्सीन की कीमतों को तय करने का ऐलान किया था।

नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी ने बीते सोमवार को देश के नाम संबोधन में निजी अस्पतालों में कोरोना वैक्सीन की कीमतों को तय करने का ऐलान किया था। इसके अगले ही दिन स्वास्थ्य मंत्रालय ने वैक्सीन की नई रेट लिस्ट जारी की है। इन दामों जल्द केंद्र सरकार कोविन ऐप पर भी डाल देगी।

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प्राइवेट अस्पताल अब सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया की बनाई कोविशील्‍ड की डोज के लिए 780 रुपये से अधिक चार्ज नहीं कर सकेंगे। भारत बायोटेक की बनाई कोवैक्सिन की कीमत 1,410 रुपये रखी गई है। इसी तरह, रूसी वैक्सीन Sputnik V के दाम 1,145 रुपये तय किए गए है।

राज्यों से प्राइवेट हॉस्पिटल पर नजर रखने को कहा

लगातार ऐसी खबरें सामने आ रही हैं कि कुछ प्राइवेट अस्‍पताल कोरोना वैक्सीन के लिए ज्यादा कीमतें वसूल रहे हैं। इस कारण केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से 8 जून को सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को चिट्ठी लिखी गई। इसमें राज्य सरकारों से कहा कि वे प्राइवेट अस्पतालों में होने वाले वैक्सीनेशन पर नजर रखें। इसके साथ सुनिश्चित करें कि ज्यादा कीमत न वसूली जाए। अधिक कीमत वसूलने पर सख्त कार्रवाई की जाए।

स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से दी गई चिट्ठी में प्राइवेट अस्पतालों में वैक्सीन के रेट का पूरा विवरण दिया गया है। पीएम मोदी की घोषणा के अनुसार अस्पताल 150 रुपए सर्विस चार्ज के तौर पर ले सकेंगे। इसके अलावा, वैक्सीन की कुल कीमत पर 5 फीसदी जीएसटी भी लगेगी। लेकिन कुल कीमत वही होगी, जो ऊपर बताई गई है। नई कीमतों को जल्द ही Co-Win पोर्टल पर भी अपडेट किया जाएगा।

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सुप्रीम कोर्ट ने जताई थी चिंता

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों प्राइवेट अस्पतालों को लेकर सरकार से सतर्क रहने की सलाह दी है। सुप्रीम कोर्ट देश में कोरोना के हालात और वैक्सीनेशन पर खुद संज्ञान लेकर सुनवाई कर रहा है। इस दौरान 31 मई को दिए अपने निर्देश में कोर्ट ने आशंका जताई कि अगर प्राइवेट अस्पतालों पर सख्ती नहीं रखी गई तो वे वैक्सीन खरीदकर ऊंची कीमतों पर बेच सकते हैं।

कोर्ट का कहना है कि अगर नजर नहीं रखी तो प्राइवेट अस्पताल भारी मात्रा में वैक्सीन को खरीद लेंगे और उन्हेें कॉर्पोरेट हाउसेज को बेच देंगे जो अपने कर्मचारियों को वैक्सीनेट करना चाहते हैं। कोर्ट ने सरकार से कहा कि प्राइवेट हेल्थ सर्विसेज का मुख्य उद्देश्य मुनाफा कमाना है।

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