
नई दिल्ली। कोरोना वायरस ( coronavirus ) का प्रकोप पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ता जा रहा है। भारत ( India ) में भी इस वायरस खतरनाक वायरस का तांडव जारी है। देश में अब तक दो हजार से ज्यादा लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हैं, जबकि 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, निजामुद्दीन ( Nizamuddin ) के मरकज वाली घटना से कोरोना संक्रमितों के आंकड़े में अचानक बड़ा इजाफा हुआ है। इसी बीच खबर यह आ रही है कि निजामुद्दीन स्थित तब्लीगी मरकज जमात में 41 देशों के नागरिक शामिल हुए थे। विदेश से जमात में शामिल होने वालों की संख्या 960 बताई जा रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये सभी टूरिस्ट वीजा के तहत भारत आए और तबलीगी जमात में कई दिनों तक शामिल हुए। इतना ही नहीं, ये सभी विभिन्न मस्जिदों में भी रुके। बताया जा रहा है कि मरकज में शामिल होने के लिए ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, सऊदी अरब, इंडोनेशिया, ईरान, मलेशिया, श्रीलंका समेत 41 देशों के लोग भारत आए थे। सबसे ज्यादा इंडोनेशिया से 379, बांग्लादेश से 110, किर्गिस्तान से 77, मलेशिया से 75, थाइलैंड से 65, म्यांमार से 63 लोग शामिल हैं।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, निजामुद्दीन मरकज में सालभर विदेशों से सैकड़ों की संख्या में मौलाना आते हैं। हैरत की बात है कि ये विदेशी लोग टूरिस्ट वीजा पर भारत आते हैं और यहां मरकज में धार्मिक समारोह में शामिल होकर वापस चले जाते हैं। हालांकि, मरकज में शामिल होने वाले सैकड़ों लोगों को क्वारंटाइन किया गया है और कई अलग-अलग हॉस्पिटल में उन्हें भर्ती भी किया गया है। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि तबलीगी जमात के जिन प्रतिनिधियों के नाम काली सूची में डाले गए हैं, उनमें 77 किर्गीस्तानी, 75 मलेशियाई, 65 थाई, 12 वियतनामी, नौ सऊदी अरब के और फ्रांस के तीन नागरिक शामिल हैं। इन सबके वीजा भी रद्द कर दिए गए हैं। इतना ही नहीं अभी और तबलीगी जमातियों की खोजबीन जारी है।
Published on:
03 Apr 2020 04:59 pm
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