COVID-19: मुख्यमंत्रियों के साथ पीएम मोदी की बैठक से पहले केंद्र सरकार ने बनाई टॉप टीम

  • कोरोना वायरस मामलों ( Coronavirus in india ) को लेकर पीएम मोदी ( pm modi ) करेंगे मुख्यमंत्रियों ( meeting with chief Minister ) के साथ चर्चा।
  • केंद्र सरकार ( centre govt ) राज्यों के साथ लगातार संपर्क में, ले रही है महत्वपूर्ण फैसले।
  • कोरोना महामारी ( Covid-19 Pandemic Outbreak ) एम्स दिल्ली ( aiims delhi ) में एक विशेषज्ञ टीम का किया गया है गठन।

नई दिल्ली। लॉकडाउन में ढील दिए जाने के साथ ही कोरोना वायरस मामलों ( Coronavirus in india ) में रोजाना रिकॉर्ड तेजी देखने को मिल रही है। इस बीच कोरोना से जंग की आगे की रणनीति तैयार करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( pm modi ) आगामी 16 और 17 जून को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों ( meeting with chief Minister ) के साथ बैठक करने जा रहे हैं। हालांकि इससे पहले ही केंद्र सरकार ( centre govt ) ने राज्यों को इस महामारी ( Covid-19 Pandemic Outbreak ) से निजात दिलाने के लिए एक टॉप टीम का गठन किया है।

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दरअसल COVID-19 के कारण मौतों की बढ़ती संख्या के बीच केंद्र ने राज्यों को कुशलतापूर्वक और प्रभावी ढंग से क्लीनिकल चरण में मामलों का प्रबंधन करने में मदद करने के लिए कई हस्तक्षेप शुरू किए हैं। विशेष रूप से उन मरीजों के लिए जो गंभीर रूप से बीमार हैं और जिन्हें काफी देखभाल की जरूरत है। केंद्र सरकार ने गुरुवार को राज्यों के साथ कैबिनेट सचिव की बैठक के दौरान उठाई गई चिंताओं के मद्देनजर यह कदम उठाया है। बढ़ती मृत्यु दर के मुद्दे पर चर्चा के दौरान कई राज्यों ने मानक और क्लीनिकल गाइडेंस सुनिश्चित करने के लिए केंद्र की विशेषज्ञता की मांग की थी।

इस चर्चा के बाद केंद्र सरकार ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ( aiims delhi ) नई दिल्ली में एक विशेषज्ञ समूह का गठन किया, जो कोरोना केस को संभालने के लिए राज्यों को चिकित्सीय सलाह प्रदान करेंगे। प्रत्येक राज्य से नोडल अधिकारी/डॉक्टर के साथ एक वाट्सएप ग्रुप भी बनाया गया है। इस संबंध में स्वास्थ्य सचिव प्रीति सूदन ने आईसीयू में गंभीर मामलों का कुशलता से प्रबंधन करने और मौतों को कम करने के लिए राज्य स्तर पर इसी तरह के विशेषज्ञ समूह और क्लीनिकल मैनेजमेंट हब बनाने को कहा है।

सूदन ने शुक्रवार को राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को लिखे पत्र में कहा, "इन सभी हस्तक्षेपों का उद्देश्य कोरोना वायरस मामलों का प्रभावी क्लीनिकल मैनेजमेंट और मौतों को कम करना है। मुझे उम्मीद है कि आप इन उपायों को राज्य की जरूरतों के अनुसार अपनाकर और कोरोना से होने वाली मौत को कम करने में इस्तेमाल करेंगे।"

राज्यों ने कैबिनेट सचिव के साथ बैठक में एक विशेषज्ञ समूह की आवश्यकता जताई थी। यह भी सुझाव दिया गया है कि राज्य आईसीयू मामलों को संभालने के तरीके के बारे में टेली-परामर्श के लिए डॉक्टरों के अपने विशेषज्ञ समूह स्थापित कर सकते हैं।

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सूदन ने यह भी कहा कि कुछ राज्यों ने पहले से ही ऐसे समूह स्थापित किए हैं जो अस्पतालों में पहुंचने और विशिष्ट क्लीनिकल गाइडेंस प्रदान करने के लिए मामलों के बारे में पूछताछ करने में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। केंद्र ने शनिवार को COVID-19 मरीजों के उपचार के लिए क्लीनिकल मैनेजमेंट प्रोटोकॉल को भी संशोधित किया।

गौरतलब है कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के डेली अपडेट के मुताबिक भारत में अबतक कोरोना वायरस के कुल मामलों की संख्या 3,20,922 पहुंच गई है। इनमें से फिलहाल 1,49,348 एक्टिव केस हैं। वहीं, बीते 24 घंटे में भारत में कोरोना वायरस के 11,929 नए मामले सामने आए हैं। इस दौरान 311 लोगों की मौत भी हुई है।

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अमित कुमार बाजपेयी
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