
सावधान! कोरोना वायरस से संक्रमित बच्चों में दिख रहे अजीबोगरीब लक्षण, डॉक्टर परेशान
नई दिल्ली।
Coronavirus: भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना के अब तक के सभी रिकॉर्ड टूट गए। स्वास्थ्य मंत्रालय ( Health Ministry ) के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 45,720 मामले ( Covid-19 Cases ) सामने आए हैं और 1,129 लोगों की मौत हो गई है। इसके साथ ही कुल मरीजों की संख्या 12,38,635 हो गई है। जबकि, 29,861 लोगों की मौत हो चुकी है। देश के कई राज्यों में कोरोना ( Coronavirus Outbreak ) से हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। इसी बीच अब मुंबई ( Coronavirus in Mumbai ) से हैरान करने वाली खबर सामने आई है।
मुंबई में कोरोना संक्रमित बच्चों में कावासाकी बीमारी ( Kawasaki Disease ) जैसे लक्षण देखने को मिल रहे हैं, जिसके बाद डॉक्टर्स भी चिंतित हैं। रिपोर्ट के अनुसार, शहर में कोरोना वायरस से संक्रमित करीब 100 बच्चों में से 18 बच्चों में पीडिएट्रिक मल्टीसिस्टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम ( PMIS ) देखा गया। इनमें से दो बच्चों की मौत हो चुकी है। बता दें कि इससे पहले ब्रिटेन और अमेरिका में कोरोना संक्रमित बच्चों में कावासाकी जैसे लक्षण देखने को मिले थे।
क्या है कावासाकी बीमारी?
कावासाकी बेहद ही दुर्लभ और खतरनाक बीमारी है। इस बीमारी में शरीर पर चकत्ते और सूजन आने लगती है। इसके अलावा बुखार, पेट से जुड़ी समस्या और सांस लेने में दिक्कत हो सकती हैं। यह बीमारी पांच साल से कम उम्र के बच्चों को चपेट में लेती है। लेकिन, डॉक्टरों के अनुसार यह बीमारी 14 से 16 साल के उम्र के बच्चों को भी प्रभावित कर सकती है। बच्चों को तेज बुखार के साथ ही उनकी आंखें भी लाल हो जाती हैं।
डॉक्टर चिंतित
रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई से पहले दिल्ली के कलावती सरन अस्पताल में बच्चों में कावासाकी से जुड़े लक्षण दिखे हैं। ये बच्चे कोरोना वायरस से संक्रमित हैं। डॉ. वीरेंद्र कुमार ने बताया कि बच्चों में कावासाकी जैसे लक्षण देखने को मिले हैं, लेकिन ये साफ तौर पर नहीं कहा जा सकता कि वो इसी बीमारी से संक्रमित हैं। ऐसे में इसको लेकर परेशानी है। रोग विशेषज्ञ डॉ अमीश बोरा ने बताया कि शुरूआती दो-तीन दिन पेट में दर्द और डायरिया के साथ बुखार रहता है। संक्रमित बच्चों की आंखे लाल हो जाती हैं।
डॉक्टर के पास ले जाएं
डॉ बोरा ने बताया कि ऐसे लक्षण दिखने पर बच्चों को तुरंत डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर दूसरे दिन ऐसे मामले सामने आ रहे हैं और अभी तक बड़े अस्पतालों में ऐसे 100 बच्चों को भर्ती किया गया है।
Updated on:
23 Jul 2020 04:07 pm
Published on:
23 Jul 2020 04:04 pm
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