
नमाज अदा करते मुस्लिम समुदाय के लोग
नई दिल्ली। देशभर में कोरोनावायरस ( Coronavirus ) का कोहराम मचा हुआ है। देशभर में लगातार कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या में इजाफा हो रहा है। देश में अब तक कोरोना संक्रमण के चलते 675 से ज्यादा लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं। इस बीच जो बड़ी खबर आई है वो ये कि लॉकडाउन ( Lock Down ) के बीच पहली जुमे की नमाज आज है।
इस दिन का इस्लाम धर्म में खासा महत्व होता है। कोरोना के चलते मुस्लिम धर्मगुरु और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ( AIMPLB ) के सदस्य मौलाना खालिद रशीद ने मुस्लिमों से घर पर नमाज पढ़ने की अपील की है।
खालिद रशीद ने कहा है कि जुमे के दिन मस्जिदों में जाकर नमाज न पढ़कर अपने अपने घरों में ही नमाज पढ़ें।
दिल्ली में भी जारी निर्देश
कोरोना संकट के चलते दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने एलान किया है कि जुमे की नमाज अदा नहीं की जाएगी। फतेहपुरी मस्जिद के इमाम मुकर्रम अहमद ने भी लोगों से कहा है कि यह हुकूमत की ओर से जो भी दिशा-निर्देश दिये जा रहे हैं उनका पालन किया जाए, यही वक्त का तकाजा है।
लखनऊ में भी घर पर रहने की हिदायत
उधर, लखनऊ के दारुल उलूम नदवा ने भी घर पर ही नमाज अदा करने को कहा है। जमीअत उलमा ए हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरखद मदनी ने भी अपील की है कि जुमे में जमात की बजाय घर पर ही नमाज पढ़े।
बरेली की मस्जिदों में सिर्फ फर्ज नमाज
सुन्नी मरकज की ओर से बृहस्पतिवार शाम फतवा जारी कर साफ किया गया कि शहर की मस्जिदों में लोग सिर्फ फर्ज नमाज अदा करेंगे, वह भी कलील यानी कम संख्या में। बाकी लोगों को घरों में पांच वक्त की तन्हा रहकर नमाज अदा करने को कहा गया है।
फतवे में कहा गया है कि मस्जिदों को आबाद रखा जाएगा लेकिन वहां भीड़ इकट्ठी नहीं होगी। देहात की मस्जिदों में जुमा नहीं होगा यानी वहां लोग घरों पर जोहर की फर्ज नमाज अदा करेंगे।
जम्मू-कश्मीर में भी गुजारिश
कोरोना वायरस को लेकर कश्मीर के ग्रैंड मुफ्ती नासीरुल इस्लाम ने कहा कि कश्मीर एक आपदा की ओर बढ़ रहा है। पूरे कश्मीर में किसी भी मस्जिद या धर्मस्थल में शुक्रवार को जुमे की सामूहिक नमाज नहीं होनी चाहिए।
सभी मस्जिदों और धर्मस्थलों के प्रबंधन से विनम्र अपील है कि शुक्रवार की नमाज का आयोजन न किया जाए।
उन्होंने कहा कि यह हमारी सुरक्षा के लिए है और इस्लाम इसकी अनुमति देता है। वहीं दूसरी ओर श्रीनगर जिला प्रशासन ने भी सभी मस्जिदों और अन्य धार्मिक स्थलों को बंद करने का काम शुरू कर दिया है।
नासीरुल इस्लाम ने कहा कि उनके द्वारा जारी निर्देश का कोई उल्लंघन नहीं होना चाहिए। मस्जिद के मुअज्जिन सहित केवल तीन लोग मस्जिद में पांच बार नमाज अदा करें और बाकी लोग घरों पर।
जिला उपायुक्त शाहिद चौधरी ने अपने ट्वीट में लिखा है कि श्रीनगर में मैनेजमेंट कमेटियों के सहयोग से सभी धार्मिक स्थलों को बंद करने का काम चल रहा है।
Updated on:
27 Mar 2020, 12:36 PM IST
Published on:
27 Mar 2020, 11:00 AM IST
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