कासवीवाल को आईडीबीआई ने विलफुल डिफॉल्टर घोषित किया है। वह भारत के पहले ऐसे बिजनसमैन हैं जिनकी फोटो किसी बैंक ने 'नेम ऐंड शेम' के तहत लोन डिफॉल्टर्स की सूची में प्रकाशित की है। 21 दिसंबर 2016 को बेंगलुरु में ऋण वसूली प्राधिकरण (डीआरटी) ने एक आदेश पारित किया था जिसमें नितिन के पासपोर्ट को सीज कर दिया गया था। कासलीवाल के ऊपर आईडीबीआई, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक, सेन्ट्रल बैंक, जम्मू-कश्मीर बैंक और इंडियन बैंक का कर्ज है। इन बैंकों से उन्होंने निजी गारंटी पर अपनी कंपनियों, एसकेएनएल, आरटीआईएल और बीएचआरएल के लिए लोन लिए थे।