आईआईएम कोलकाता में स्ट्रेटजिक मैनेजमेंट के एसोसिएट प्रोफेसर अनिर्बान पंत स्टूडेंट्स को ये समझाने की कोशिश करेंगे कि चेयरमैन का काम सिर्फ स्ट्रैटिजी बनाने तक सीमित रहना चाहिए या उन्हें इसके साथ ग्रुप की पहचान बनाने पर भी ध्यान देना चाहिए। इसमें एक विषय ये भी होगा कि टॉप लीडर्स सही कैंडिडेट का चुनाव कैसे करते हैं? वहीं, आईएसबी के काविल रामचंद्रन ने कहते हैं कि टाटा ग्रुप में जो हो रहा है, उससे कई चीजें सीखने का मौका मिला है। हम अपने कोर्स का इसे हिस्सा बनाएंगे। उन्होंने बताया कि इसमें कॉरपोरेट गवर्नेंस, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का कामकाज, नॉन-फैमिली सीईओ के एंप्लॉयमेंट, सक्सेशन मैनेजमेंट और नॉन-ऑपरेटिंग ओनर्स के रोल पर फोकस किया जा सकता है। हालांकि, अभी केस स्टडी फाइनल नहीं की गई है। कई प्रोफेसर्स ने बताया कि इस मामले ने यह भी सिखाया है कि फैमिली की ओर से चलाए जाने वाले बिजनेस को उत्तराधिकार के मामले से कैसे निपटना चाहिए।