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भारतीय वायुसेना में शामिल हुए ‘परशुराम’, दुश्मनों की लगेगी लंका

कबाड़ से खरीदकर मरम्मत के बाद नए कलेवर में आया डकोटा विमान शुक्रवार को औपचारिक रूप से भारतीय वायु सेना में शामिल हो गया।

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May 05, 2018

नई दिल्ली। कबाड़ से खरीदकर मरम्मत के बाद नए कलेवर में आया डकोटा विमान शुक्रवार को औपचारिक रूप से भारतीय वायु सेना में शामिल हो गया। हिंडन एयर फोर्स स्टेशन पर शुक्रवार को एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन कराया गया था। इस विमान की खास बात ये है कि इसे करीब चार दशक पहले वायु सेना से रिटायर कर दिया गया था। अब इसका नया नाम 'परशुराम' रखा गया है।

इस शख्स ने उठाया मरम्मत का सारा खर्च
इस डकोटा डीसी-3 वीपी-905 विमान को राज्यसभा सदस्य राजीव चंद्रशेखर ने कबाड़ से खरीदने की पहल की थे। इसका सारा खर्च भी उन्होंने उठाया था। इस विमान को ब्रिटेन से रेनोवेट कराया गया है। शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में उनके पिता ने ही चीफ ऑफ एयर स्टाफ एयर मार्शल बीएस धनोआ को विमान की शौपीं। मौके पर धनोआ ने डकोटा को भारतीय वायु सेना के इतिहास का सबसे विशेष विमान बताया था। उन्होंने कहा इस विमान की विश्वसनीयता और मजबूती इसके ब्रिटेन से भारत की यात्रा के दौरान ही साबित हो गई।

25 अप्रैल को जामनगर एयर फोर्स स्टेशन पहुंचा था विमान
आपको बता दें कि 17 अप्रैल को ये विमान ब्रिटेन से भारत के लिए रवाना हुआ था। भारतीय वायु सेना के सदस्यों के अलावा इसके चालक दल में 'रीफ्लाइट एयरव‌र्क्स' के कुछ मेंबर भी शामिल थे। इस विमान ने फ्रांस, इटली, ग्रीस, जॉर्डन, बहरीन व ओमान कवर करते हुए 9,750 किमी का लंबा सफर तय किया। जिसके बाद ये 25 अप्रैल को जामनगर स्थित एयर फोर्स स्टेशन पहुंचा।

इन कारणों से खास है विमान
64.8 फीट (19.7 मीटर) लंबे इस विमान में करीब 21-32 यात्रियों की क्षमता है। इसकी 370 किलोमीटर प्रतिघंटा अधिकतम गति, जबकि इसकी सामान्य 333 किलोमीटर प्रतिघंटा गति है। 7,650 किलोग्राम वजन वाले इस विमान की ईंधन क्षमता 3736 लीटर बताई जा रही है।

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Published on:
05 May 2018 11:25 am
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