
दिल्ली: ढहाया जाएगा 53 वर्ष पुराना मंदिर, इसके पीछे ये है खास वजह
नई दिल्ली। कई दशकों से चला आ रहा अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मामला अभी शांत नहीं हुआ है कि हिन्दुओं की आस्था को चोट पहुंचाने वाली एक और खबर सामने आ गई है। राजधानी दिल्ली में 53 वर्ष पुराने एक मंदिर का ढहा दिया जाएगा। इस मंदिर का निर्माण वर्ष 1965 में किया गया था। हालांकि मंदिर को बचाने के लिए हाईकोर्ट में मंदिर प्रबंधन की ओर से दायर की गई याचिका खारिज कर दी गई। बता दें कि यह मंदिर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वन विभाग की जमीन पर अतिक्रमण कर बनाया गया है। मामले की सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति विभू बाखरू ने कहा कि अतिक्रमण करके बनाए गए मंदिर का बचाव नहीं किया जा सकता।
1965 में बनाया गया था मंदिर
आपको बता दें कि मंदिर प्रबंधन की ओर से अदालत में दायर की गई याचिका को खारिज करते हुए अदालत ने स्पष्ट करते हुए कहा कि मंदिर का निर्माण वन भूमि को अतिक्रमण कर बनाया गया है। अब ऐसे में वन विभाग को अपनी जमीन वापस चाहिए तो मंदिर को ढहाने से रोकने का कोई भी आधार नहीं है। याचिका में दावा किया गया है कि दक्षिणी दिल्ली के जोनापुर गांव में मंदिर का निर्माण 1965 में किया गया था। इधर सुनवाई के दौरान अदालतने इस बात को नोट किया कि मंदिर का निर्माण विन विभाग की जमीन का अतिक्रमण कर बनाया गया था। अदालत ने याचिकाकर्ता के वकील से पूछा कि आपके पास भूमि पर कब्जा करने का क्या अधिकार है? इसपर वकील ने जवाब दिया कि यह ग्राम सभा की जमीन है और इसी प्रक्रिया के तहत उसे हटाया जा सकता है। इस पर कोर्ट कहा कि आपके पास भूमि का कब्जा करने का कोई अधिकार नहीं है, लिहाजा आपके याचिका को खारिज किया जाता है।
Published on:
24 Sept 2018 08:24 pm
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