21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

प्रदूषण को रोकने के लिए दिल्ली को सिंगापुर से सीखना होगा सबक

राजधानी दिल्ली में प्रदूषित हो रही हवा के लिए सरकार आने वाले सप्ताह में एक इमरजेंसी प्लान लागू कर सकती है।

2 min read
Google source verification

image

Sweta Pachori

Nov 07, 2016

pollution

pollution

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में प्रदूषित हो रही हवा के लिए सरकार आने वाले सप्ताह में एक इमरजेंसी प्लान लागू कर सकती है। बढ़ते प्रदूषण के स्तर को देखते हुए सरकार ने स्कूलों को बंद कर दिया और ज्यादा से ज्यादा लोगों को घर पर रहकर काम करने की सलाह दी जा रही है।

3 साल पहले सिंगापुर ने भी तोड़ा प्रदूषण का रिकॉर्ड

सिंगापुर में करीब तीन साल पहले प्रदूषण के स्तर ने कुछ ऐसे ही रिकॉर्ड तोड़ा था। उस समय सिंगापुर ने इस प्रदूषण को कम करने के लिए एक खास मॉडल पर काम किया था। 2013 में सिंगापुर भी धुंध और धुंए की खदर में लिपट गया था। उसके बाद सिंगापुर की राष्ट्रीय पर्यावरण एजेंसी, शिक्षा मंत्रालय और श्रमशक्ति विभाग ने मिलकर कुछ जरूरी गाइडलाइन्स जारी की थी। ये गाइडलाइन्स खासतौर से स्कूलों और दफ्तरों को ध्यान में रखकर बनाई गई थी। इसमें सभी स्कूलों और दफ्तरो में मास्क और एयर प्यूरीफायर उपलब्ध करवाए गए थे। सिंगापुर में ये गाइडलाइन भारत के नेशनल एयर क्वालिटी इंडेक्स की तरह पॉल्यूशन स्टैंडर्ड इंडेक्स के हिसाब से तय की गई। इसमें पर्यावरण में प्रदूषण पहुंचाने वाले 6 जहरीली गैसों सल्फर डायऑक्साइड, पर्टिकुलेट मैटर 10, फाइन पर्टिकुलेट मैटर 2.5, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, कॉर्बन मोनो ऑक्साइड और ओजोन की मात्रा को देखा जाता है।

दफ्तरों और कार्यस्थलों के लिए ये गाइडलाइन्स थी

- पीएसआई 100: इस स्तर पर धुंध से रक्षा करने के उपाय शुरू हो जाने चाहिए।
-पीएसआई 100-200: इस स्तर पर कर्मचारियों को यांत्रिक रूप से सहायता मिलनी चाहिए। जॉब रोटेशन के साथ ही ऑफिस के अंदर आराम करने के लिए ब्रेक और पर्याप्त हाइड्रेशन मिलना चाहिए।
-पीएसआई 201-300: प्रदूषण के इस स्तर पर मेकेनिकल सहायता, जॉब रोटेशन, इंडोर रेस्ट ब्रेक, हाइड्रेशन के साथ ही आउडोर काम करने वाले लोगों को मास्क दिए जाने चाहिए।
-पीएसआई 301 और उससे ऊपर: ऐसे पर्यावरण में कर्मचारियों को बाहर का काम नहीं दिया जाना चाहिए। आराम के लिए लगातार ब्रेक मिलना चाहिए। गैर जरूरी कामों को टाल दिया जाना चाहिए। आउटडोर काम करने वाले लोगों को मास्क और रेस्पीरेटर्स मिलने चाहिए।

स्कूलों के लिए ये गाइडलाइन्स लागू की गई थी

-पीएसआई 100 या ज्यादा: आम रूप से गतिविधियां।
-100-200 पीएसआई: आउटडोर एक्टिविटीज को कम कर दें। जो स्टूडेंट्स फेंफडों या दिल की बीमारी से ग्रसित हैं उन्हे बाहरी गतिविधियों से बिल्कुल मुक्त कर दिया जाए। क्लासरूम में एयर प्यूरीफायर्स लगाए जाएं।
-201-300 पीएसआई। आउटडोर गतिविधिया कम करने के सथ ही उन सभी स्टूडेंट्स को एसी या एयर प्यूरीफायर रूम में शिफ्ट कर दें जिन्हे फेंफडों से जुड़ी समस्या है।
-300 और इससे ज्यादा: इस स्तर पर सभी आउटडोर गतिविधियों को रद्द कर देना चाहि। क्लासों की अवधि को कम कर देना चाहिए। एयर प्यूरीफायर्स लगाए जाने चाहिए। मेडिकल सुविधाएं भी मिलनी चाहिए।

ये भी पढ़ें

image

बड़ी खबरें

View All

विविध भारत

ट्रेंडिंग