
नई दिल्ली।कोरोना वायरस ( coronavirus ) से बचाव के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ( Delhi High court ) सेंट्रलाइज्ड एसी की जगह पंखे लगाने पर विचार कर रही है। पिछले कुछ समय से लगातार ये दावे किए जा रहे हैं कि सेंट्रलाइज्ड एसी से कोरोना संक्रमण ( Coronavirus ) का खतरा बहुत अधिक होता है। ऐसे में दिल्ली हाईकोर्ट भवन में एसी की जगह पंखे लगाए जा सकते हैं।
हाईकोर्ट की समिति चुनौतियों के समाधान पर कर रही है विचार-विमर्श
इस दिशा में उच्च न्यायालय द्वारा गठित की गई समिति चुनौतियों के समाधान के लिए एक चरणबद्ध योजना पर विचार-विमर्श कर रही है। इस समिति में चार न्यायाधीश शामिल हैं।
PWD के अधिकारियों ने किया कोर्ट परिसर का मुआयना
न्यायमूर्ति हिमा कोहली की अध्यक्षता वाली समिति को PWD के अधिकारियों ने लॉकडाउन के बाद उच्च न्यायालय के भवनों में केंद्रीकृत एसी संयंत्र के कामकाज के बारे में अवगत कराया और बताया कि इसके लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए ताकि इससे कोरोना वायरस का प्रसार न हो।
सेंट्रलाइज्ड एसी से फैलता है कोरोना!
28 अप्रैल को आयोजित समिति की बैठक में पीडब्लूडी अधिकारियों द्वारा पेश की गयी रिपोर्ट के मुताबिक, भले ही उच्च न्यायालय अल्ट्रा वायलेट कीटाणुनाशक विकिरण उपकरणों की खरीद और उसे स्थापित करने पर बड़े पैमाने पर खर्च कर सकता है, लेकिन इससे भी वायरस से पूर्ण सुरक्षा की कोई गारंटी नही होगी। सेंट्रलाइज्ड एसी से कोरोना संक्रमण का खतरा अधिक होता है। अगर कोई संक्रमित व्यक्ति एसी वाले इलाके में छींक या फिर खांस दे तो वो वायरस एसी के जरिए दूसरे व्यक्तियों तक जा सकते हैं।
Updated on:
01 May 2020 05:51 pm
Published on:
01 May 2020 05:41 pm
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