निर्भया केस: सुप्रीम कोर्ट ने दोषी पवन गुप्ता की याचिका खारिज की, आज तड़के 5:30 बजे दोषियों की होगी फांसी

  • रात ढाई बजे सुप्रीम कोर्ट में निर्भया केस पर सुनवाई हुई
  • दिल्ली हाईकोर्ट ने सारे पिटिशन को पूरी तरह खारिज किया
  • चारों दोषियों ने फांसी पर रोक की मांग की थी

नई दिल्ली: निर्भया के दोषियों को शुक्रवार तड़के 5:30 बजे को फांसी पक्की हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने पवन गुप्ता की अर्जी खारिज कर दी। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस भानुमति की बेंच में इस मामले की सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस भानुमति की बेंच ने 45 मिनट तक दोषियों के वकीलों की दलील सुनी और फिर फैसला सुनाते हुए कहा कि पवन गुप्ता की अर्जी में कोई दम नहीं था। फैसला आने के बाद निर्भया के माता-पिता भावुक हो गए, निर्भया की माता पिता ने इसे ऐतिहासिक फैसला बताया। निर्भया की मां ने कहा कि 7 साल से अधिक लंबी लड़ाई में आखिर सच की जीत हो गई। आज का दिन निर्भया दिवस के रूप में मनाएंगे। आज का सूरज देश की बच्चियों के नाम होगा।

इससे पहले दोषियों ने फांसी से बचने के लिए हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी । लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने दलील सुनने के बाद रात 11 बजे दोषियों की याचिका खारिज कर दी। अब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है। दोषी पवन गुप्ता की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है।

LIVE UPDATES:-

- सुप्रीम कोर्ट से फांसी टालने वाली याचिका खारिज

- दोषी पवन गुप्ता की याचिका खारिज, दोषियों को फांसी तय

- निर्भया के दोषियों की तरफ से दूसरे वकील शम्स ख्वाजा भी स्पेशल बेंच के सामने सुनवाई रख रहे हैं।

- शम्स ख्वाजा ने कहा कि राष्ट्रपति के सामने पूरे दस्तावेज पेश नहीं किए गए। जिसको लेकर राष्ट्रपति ने खुलकर फैसला नहीं लिया। इस केस में मीडिया का दबाव सबसे ज्यादा था।

- वकील ए पी सिंह ने पवन गुप्ता के नाबालिग होने की दलील रखी

-जस्टिस भूषण ने कहा कि एक ही चीज को बार-बार क्यों दोहराई जा रही है

-मेरी दया याचिका LG के पास पेंडिंग है

- जस्टिस भानुमति ने कहा कि दोषियों के वकील की याचिका में कोई दम नहीं है। हम आदेश जारी करेंगे

- सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि दोषियों के वकील समय नष्ट कर रहे हैं

- वकील ए पी सिंह ने कहा कि इस मामले में दोषियों को फांसी देने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।

- वकील की दलील पर जस्टिस अशोक भूषण ने कहा कि ये सारे मामले पहले उठाए जा चुके हैं। आज इसमें क्या खास है।

- सुप्रीम कोर्ट में निर्भया केस की सुनवाई शुरू

-दोषी पवन गुप्ता की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है

- न्यायमूर्ति आर भानुमति, एस बोपन्ना और अशोक भूषण की बेंच में निर्भया केस की सुवनाई जारी है

- निर्भया की ओर से भी 7 लोगों को जाने दिया, बाकी को रोक दिया, निर्भया के माता-पिता को कोर्ट के अंदर नहीं जाने दिया गया। कोरोना वायरस को देखते हुए उन्हें बाहर रहने को कहा गया है।

- निर्भया के दोषियों के वकील ए पी सिंह के साथ 3 लोगों को कोर्ट में जाने की इजाजत मिली थी, लेकिन अब 6 लोगों को उनके साथ जाने की इजाजत मिली है।

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- सुनवाई से पहले दोषियों के वकील एपी सिंह सुप्रीम कोर्ट के बाहर तीन से ज्यादा लोगों को नहीं जाने देने को लेकर धरने पर बैठ गए। हालांकि बाद उन्हें 6 लोगों के साथ सुप्रीम कोर्ट में जाने की इजाजत मिली। तब जाकर उन्होंने धरना खत्म किया।

- सुप्रीम कोर्ट में पहुंचने लगे वकील

- जस्टिस आर भानुमति की बेंच में याचिका पर इस मामले की सुनवाई होगी।

- सुप्रीम कोर्ट में रजिस्टार पहुंच चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट थोड़ी देर में इस मामले पर सुनवाई करेगा। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 2 बजे सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई शुरू होगी।

- निर्भया की मां बोलीं- पूरा देश जगा हुआ है। आज न्याय का दिन है। पूरा विश्वास है याचिका खारिज होगी और दोषियों को फांसी होकर रहेगी। निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि हम अब हम सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं, वहां से याचिका खारिज होगी । हमें पूरा विश्वास है कि हमारे साथ न्याय होगा और दोषियों को 5.30 बजे फांसी होगी।

- निर्भया के वकील जितेन्द्र झा ने कहा कि यह केस नजीर बनने जा रहा है। दरिंदो को सजा होकर रहेगी।

निर्भया के परिजनों के वकील

दिल्ली हाईकोर्ट ने सारे पिटिशन को पूरी तरह खारिज कर दिया है। पीड़ितों के परिवार का प्रतिनिधि होने के नाते हम तब तक नहीं बैठेंगे जब तक कि दोषियों की फांसी कन्फर्म नहीं हो जाएगी।

- मुवक्किलों के वकील ए पी सिंह ने कहा कि हमें अभी तक हाईकोर्ट के फैसले की कॉपी नहीं मिली है। जज से बात की तो उन्होंने कहा कि आप मेरे पास आइए, मैं मुहैया कराऊंगा। मैं उनके घर जाकर ऑर्डर की कॉपी लूंगा, फिर सुप्रीम कोर्ट जाऊंगा

- वकील ए पी सिंह ने कहा कि यह ज्यूडिशियल मर्डर है। सरकार द्वारा प्रायोजित और मीडिया द्वारा पोषित यह मर्डर होने जा रहा है

'भगवान से मिलने वाला है आपका क्‍लाइंट, जल्‍दी कीजिए'

दिल्‍ली हाई कोर्ट ने एपी सिंह से कहा, "हम उस समय के करीब हैं जब आपका क्‍लाइंट भगवान से मिलने वाला है। टाइम मत बर्बाद कीजिए। हम आखिरी वक्‍त में आपकी मदद नहीं कर पाएंगे अगर आप कोई अहम दस्तावेज हैं तो दीजिए। आपके पास केवल 4-5 घंटे हैं। जस्टिस मनमोहन ने वकील एपी सिंह से कहा, "आपको हमारे साथ खुल कर रहना पड़ेगा। अपना प्‍वॉइंट्स भी नहीं समझा पा रहे हैं। दुर्भाग्‍य से आपकी याचिका का कोई कानूनी आधार नहीं है।"

- सुनवाई के दौरान जज मनमोहन ने वकील से कहा कि इस मामले में पार्टियों के पास कोई ज्ञापन नहीं है, ना कोई हलफनामा है। आपको इस याचिका को दायर करने की मंजूरी किसने दी है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने साफ कह दिया कि फांसी नहीं रोकी जाएगी।

- जज के सवाल पर वकील ए पी सिंह ने कहा कि कोर्ट में कोरोना वायरस के चलते फोटोकॉपी की दुकानें खुली नहीं है।

- जज ने वकील से कहा कि आज आप तीन कोर्ट का चक्कर लगाए हैं। आप यह नहीं कह सकते की दोषियों के तथ्यों पर ध्यान नहीं दिया गया हम लोग रात के 10 बजे भी इस केस की सुनवाई कर रहे हैं।

-जज ने कहा कि याचिका में ऐसा कोई मजबूत आधार नहीं है कि निचली अदालत के फैसले को पलट दिया जाए।

- दोषियों के वकील एपी सिंह ने जोर देकर कहा क‍ि उसके मुवक्किलों परिवार के आर्थिक हालात ठीक नहीं है। उस पर भी गौर किया जाना चाहिए।

- हाई कोर्ट ने साफ तौर से कहा कि इस पूरे केस में "कोई सिस्‍टम से खेल रहा है और साजिश कर रहा है। क्‍योंकि दया याचिका निकालने में ढाई साल की देरी हुई।" दिल्‍ली हाई कोर्ट ने कहा, "कानून उसी की मदद करता है, जो सही वक्त पर काम करते हैं। पिछले ढ़ाई सालों से 4 मार्च 2020 तक आप क्या कर रहे थे? आप हमपर आरोप लगा रहे हैं? पौने ग्यारह बज चुके हैं, सुबह 5:30 पर फांसी है, हमें ठोस दलील दें।"

-वकील ए पी सिंह ने कहा कि निर्भया के दोषियों के साथ न्याय नहीं हो रहा है। इस केस में बहुत दबाव था। बहुत सारे साक्ष्य हैं जिसपर गौर नहीं किया गया है।

- हाईकोर्ट जज जज मनमोहन के घर पर चल रही सुनवाई में वकील ए पी सिंह ने कहा कि जिस बस में यह वारदात हुई उस में रामधर नाम का शख्स भी मौजूद था। रामधर ने दोषियों के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की जिन्होंने चोरी के लिए मामला दायर किया था। वह केस भी लंबित पड़ा हुआ है।

- बता दें कि दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया के दोषियों की फांसी पर रोक लगाने की याचिका खारिज कर दी थी । जिसपर दोषियों के वकील ए पी सिंह ने इस फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है।

- दिल्ली हाईकोर्ट ने वकील ए पी सिंह से कहा कि यह चौथा डेथ वारंट है, इस मामले में कुछ तो निष्पक्षता दिखाइए

इसपर दोषियों के वकील ए पी सिंह ने कहा कि एक मामला अभी NHRC में लंबित पड़ा है। ऐसे में दोषियों को अभी कैसे फांसी पर लटकाया जा सकता है।

कानूनी विकल्प पूरी तरह से खत्म

गौरतलब है कि गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने अक्षय ठाकुर की याचिका खारिज की थी जिसमें उसने भी इसी तरह राष्ट्रपति द्वारा उसकी दया याचिका दूसरी बार खारिज करने को चुनौती दी थी। हालांकि इस केस में कानूनी विकल्प पूरी तरह से खत्म हो चुके हैं। दोषियों के पास अब कोई विकल्प नहीं बचे हैं।

अक्षय की पत्नी ने जज के सामने रोया

गौरतलब है कि गुरुवार को पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम में दोषी अक्षय कुमार की पत्नी ने जज के सामने रोना शुरू कर दिया। दोषी अक्षय की पत्नी ने निर्भया की मां आशा देवी के पैर छूकर कहा कि आप मेरी मां जैसी हैं इस फांसी को रुकवा लीजिए।

2012 में दिल्ली में बस में हुआ था गैंगरेप

गौरतलब है कि 16 दिसबंर 2012 को दिल्ली में चलती बस में गैंगरेप किया गया था। घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। पीड़ित को बेहतर इलाज के लिए सिंगापुर रेफर किया गया । लेकिन पीड़ित लड़की ने दम तोड़ दिया।

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Prashant Jha
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