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फिर बढ़ा दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर, हवाओं में घुला जहर

फिर बदला दिल्ली-एनसीआर में मौसम का मिजाज।  

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फिर बढ़ा दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर, हवाओं में घुला जहर

नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर मौसम बदल गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, यहां के हवाओं में जहर घुल गया है। आलम यह है कि कई जगहों पर पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तार बढ़ काफी बढ़ गया है। इतना ही नहीं पिछले 24 घंटे से दिल्ली की हवा में धूल के कण बढ़ने से विजिबिलिटी भी कम हो गई है। इससे कई लोगों को सांस लेने और देखने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कई इलाकों में बिगड़ा मौसम

सीपीसीबी आंकड़ों से पता चला है कि पीएम 10 दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में 778 पर गंभीर और दिल्ली में 824 से अधिक था, जिससे खतरनाक परिस्थितियां और विजिबिलटी कम हो गई है। वायु प्रदूषण निगरानी एजेंसी एक्यूआईसीएन ने बताया कि मंगलवा रात 8 बजे आरके पुराम और ओखला में पीएम 2.5 का स्तर क्रमशः 660 और 738 था। वहीं, गाजियाबाद, गुरुग्राम और नोएडा में भी हवा का इंडेक्स 310 के पार चल रही है।


वायु गुणवत्ता और मौसम पूर्वानुमान अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक गुफ्रान बेग ने बताय कि धूल के तूफान के कारण दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि देश के पश्चिमी हिस्से में जमीन के स्तर पर धूल तूफान था जो हवा में भारी रूप से मजबूत कणों में वृद्धि हुई। जिसके कारण दिल्ली में प्रदूषण स्तर में वृद्धि हुई। हालांकि, उन्होंने कहा कि बुधवार को हवा की गुणवत्ता में सुधार होना चाहिए। बेग ने कहा कि इस तरह के धूल तूफान उच्च गति वाली हवाओं (30-40 किमी प्रति घंटे) के साथ बहुत लंबे समय तक नहीं चलते हैं, जिसके कारण हवा की गुणवत्ता इस शाम तक सामान्य हो जाएगी। सीपीसीबी के मुताबिक, दिल्ली के कई स्थानों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक 500 अंकों के पार हो गया। संस्थान के मुताबिकस, रोहिणी में ये 838, वजीरपुर में 858, डीटीयू में 849 और आनंद विहार में 812 प्रदूषण स्तर था। इन इलाकों में प्रदूषण सबसे भयानक स्तर पर था। अधिकांश अन्य स्टेशनों पर पीए 2.5 325 और 800 के बीच नापा गया। पीएम 2.5 की सुरक्षित लिमिट 100 मानी जाती है, लेकिन दिल्ली एनसीआर के अधिकतर इलाकों में ये सुरक्षित सीमा से कहीं अधिक था। हवा में प्रदूषण का ये स्तर मौसम के कारण बताया जा रहा है।

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