रेल रोको आंदोलन ने बढ़ाई मुश्किल, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में Diesel - Petrol का गहराया संकट

  • कृषि कानों के खिलाफ किसानों को रेल रोको आंदोलन का बड़ा असर
  • जम्मू-कश्मीर और लेह-लद्दाख में गहराया Diesel-Petrol का संकट
  • कई पेट्रोल पंप सूखने की कगार पर

नई दिल्ली। कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब और हरियाणा के किसानों का विरोध जारी है। कानून के विरोध में कई किसान संगठनों ने रेल रोको आंदोलन भी शुरू कर रखा है। इसकी वजह से की ट्रेनें ठप पड़ी हैं। रेल रोको आंदोलन का देशभर में असर दिखाई देने लगा है। खास तौर पर जम्मू-कश्मीर और लेह-लद्दाख में बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है। रेलों के ठप होने की वजह से यहां पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है, यही वजह है कि की पेट्रोल पंपों पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

जम्मू में बुधवार की शाम एचपी, बीपीसी और इंडियन आयल डिपो ने पंप डीलरों को सप्लाई देना बंद कर दिया। तीनों डिपो का स्टॉक स्तर एमएसएल यानी न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है। आपको बता दें कि इसमें सेना और इमरजेंसी के लिए ही तेल रिजर्व रखा जाता है। माना जा रहा है कि कई पेट्रोल पंपों में गुरुवार तक पेट्रोल और डीजल ( Diesel Petrol Crisis ) खत्म हो जाएगा यानी कई पंप सूखने की कगार पर पहुंच चुके हैं।

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सप्लाई में लग रहे तीन दिन
रेल रोको आंदोलन के चलते अब पेट्रोल पंप मालिक अब जालंधर और बठिंडा से टैंकरों के जरिए तेल मंगवा रहे हैं। इसमें सप्लाई के लिए कम से कम तीन दिन लग रहे हैं। शहर के कई पेट्रोल पंपों पर गुरुवुार तक का ही स्टॉक बचा है। यानी इसके बाद प्रदेश में तेल का सकंट गहरा सकता है।

जम्मू में मालगाड़ी के न पहुंचने से तेल की सप्लाई में भारी कमी आ गई है। खासतौर पर कश्मीर और लद्दाख के लिए ये संकट काफी मुश्किलें बढ़ा सकता है।

रोजाना होती है 450 टैंकरों की सप्लाई
पेट्रोल पंप संचालकों को अपने टैंकरों से दूसरे राज्यों से तेल की सप्लाई लेने के लिए बोला गया है। तीनों डिपो से जम्मू कश्मीर और लद्दाख के लिए प्रतिदिन 400-450 टैंकरों की सप्लाई होती है।

बुधवार शाम तीन बजे तक रेलवे स्टेशन स्थित तीनों डिपो की ओर से दस हजार से अधिक लीटर की बिक्री करने वाले कुछ पेट्रोल पंपों को तेल की सप्लाई दी गई। लेकिन उसके बाद सप्लाई को बंद कर दिया गया। ये डिपो पेट्रोल, तेल, केरोसीन आदि तरल पदार्थों की सप्लाई करते हैं।

लगातार घट रहा स्टॉक
जम्मू में प्रतिदिन एक पेट्रोल पंप पर 3000 से 5000 लीटर पेट्रोल और 800 से 1100 लीटर डीजल की बिक्री होती है। हर पंप पर प्रतिदिन एक टैंकर की सप्लाई होती थी, जो अब नहीं मिल पा रही है। एक टैंकर से करीब 12000 लीटर तेल की सप्लाई होती है।

पंपों पर लग रही लंबी कतारें
पेट्रोल-डील की किल्लत के बीच पेट्रल पंपों पर लोगों की लंबी कतारें लगने लगी हैं। आपात स्थिति के लिए ज्यादा डीजल-पेट्रोल डलवाने की होड़ मची रही। भीड़ बड़ने के बीच पंप मालिकों ने आपूर्ति बंद कर दी है।

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बर्फबारी से और बढ़ेगी समस्य
तेल की किल्लत को लेकर जल्द कोई हल नहीं निकाला गया तो आने वाले दिनों ने ये संकट और विकराल रूप ले सकता है। नवंबर के महीने में जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में बर्फबारी शुरू हो जाती है। इसके चलते सड़क मार्ग पर आवाजाही अवरुद्ध हो जाती है। ऐसे में इन इलाकों के लिए पहले ही 6 महीने का स्टॉक जमा किया जाता है। लेकिन अब इस स्टॉक को पूरा करने में मुश्किल आ रही है जो आगे और बढ़ सकती है।

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धीरज शर्मा
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