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मणिपुर हमले का बदला लेना चाहते थे डोगरा बटालियन के जवान

हमले में मारे गए थे डोगरा बटालियन के 18 जवान। पिछले दो दशक में सबसे ज्यादा तादाद में मारे गए थे जवान। 4 महीने तक रुकी रही थी मूवमेंट

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Puneet Parashar

Oct 15, 2015

Manipur Attack

Manipur Attack

नई दिल्ली। मणिपुर के चंदेल में 4 जून को सुबह तकरीबन साढ़े आठ बजे IGAR दक्षिण इंफाल के 26वें सेक्टर की 6 डोगरा रेजिमेंट के जवानों पर घात लगाकर हमला किया गया। डोगरा रेजिमेंट की टीम चार वाहनों में सवार होकर इंफाल से 80 किमी दूर तेंगनोपाल-न्‍यू समतल रोड पर गश्‍त के लिए निकली थी। इसी दौरान पहले आईईडी से हमला किया गया और फिर बाद में सैनिकों के काफिले पर जबरदस्‍त फायरिंग की गई और रॉकेट प्रॉपेल्‍ड ग्रेनेड के जरिए हथगोले भी फेंके गए।

इसमें डोगरा बटालियन के 18 जवान शहीद हो गए थे। इनमें से वक्त कुछ जवानों को चंडीगढ़ जाना था। साथी जवानों की शहादत के बाद डोगरा बटालियन ने बदला लेने के लिए अपनी मूवमेंट रोक दी थी। लेकिन बटालियन 4 महीने तक वहां रुकी रही। एक मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि, कमांडिंग ऑफिसर ने आर्मी हेडक्वार्टर्स से निवेदन किया था कि उनके जवान विद्रोहियों पर जवाबी कार्रवाई करना चाहते हैं इसलिए मूवमेंट को कुछ महीने के लिए रोक दिया जाए।

आपको बता दें कि मणिपुर के चंदेल में हमला पिछले दो दशकों में हुई ऐसी पहली घटना थी जिसमें सेना के सबसे ज्यादा जवान शहीद हुए थे। जिस वक्त सेना का काफिला मोलतुक वैली से गुजर रहा था तभी जवानों पर दिनदहाड़े हमला कर दिया गया।

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