
नई दिल्ली। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने शनिवार को कहा कि फ्रांस, भारत का सबसे बेहतरीन साझेदार देश और यूरोप में भारत के प्रवेश का बिंदु होना चाहिए। मैक्रों भारत के चार दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को नई दिल्ली पहुंचे थे। इस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) सम्मेलन की सह अध्यक्षता करेंगे। मैक्रों ने कहा कि इस दौरे के उनके तीन उद्देश्य हैं।
रक्षा, अनुसंधान एवं विज्ञान उद्देश्य
उन्होंने राष्ट्रपति भवन में अपने औपचारिक स्वागत के बाद संवाददाताओं को बताया कि उनका पहला उद्देश्य रक्षा, अनुसंधान एवं विज्ञान, विशेष रूप से युवा, उच्च शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में भारत और फ्रांस की रणनीतिक साझेदारी का नया युग शुरू करना है। मैक्रों ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि क्योंकि आतंकवाद के संदर्भ में दोनों देशों के बीच कई सामान्य चुनौतियां और साझा जोखिम हैं। उन्होंने कहा कि इस यात्रा का दूसरा उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (सम्मेलन) का आयोजन करना है।
भारत का बेहतरीन साझेदार देश
उन्होंने कहा कि तीसरा उद्देश्य यह संदेश देना है कि फ्रांस विशेष रूप से यूरोप में भारत का बेहतरीन साझेदार देश और यूरोप में प्रवेश का बिंदु होना चाहिए। इसके बाद शनिवार को ही मोदी और मैक्रों एक द्विपक्षीय सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, जिसके बाद कई क्षेत्रों में समझौते होने की संभावना हैं। मोदी और मैक्रों शनिवार को आईएसए सम्मेलन की सह अध्यक्षता करेंगे, जिसे मोदी और फ्रांस के पूर्व राष्ट्रति फ्रांस्वा ओलांद ने 2015 में पेरिस जलवायु सम्मेलन के दौरान शुरू किया था।
महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी
शनिवार को राष्ट्रपति इमैनुएल ने अपनी पत्नी ब्रिगित मैरी क्लाउड के साथ राजघाट पहुंच राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद फ्रेंच राष्ट्रपति विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मिले और फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। बता दें कि इससे पहले इमैनुएल मैक्रों अपनी पत्नी के साथ राष्ट्रपति भवन पहुंचे और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की, जहां उनका गार्ड आॅफ आॅनर के साथ भव्य स्वागत किया गया।
Published on:
10 Mar 2018 01:48 pm
बड़ी खबरें
View Allविविध भारत
ट्रेंडिंग
