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ड्राइवर के बेटे के दिल में था छेद, इलाज को नहीं थे पैसे, मालकिन ने जान बचाकर लिखी इंसानियत की परिभाषा

आज के समय में सबसे बड़ी इंसानियत है किसी जरूरतमंद की मदद करना। ऐसे ही एक जरूरतमंद परिवार के लिए उनकी मालकिन मसीहा बन कर सामने आईं। इसने अपने कर्मचारी के बेटे की जान बचा कर उनके अँधेरे हो रहे संसार में रौशनी भर दी...

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Rahul Mishra

Dec 29, 2016

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employer collects 25 lacs for her driver to save his child life

मुंबई: वर्तमान के समय में हम अक्सर लोगों से सुनते हैं कि अब सिर्फ इंसानों की बस्तियां ही बची हैं जिनमें सिर्फ पत्थर दिल इंसान ही रहते हैं, लेकिन इंसानियत तो कहीं दूर खो गई है जो नजर नहीं आती। लेकिन इस तरह की बातों से उलट आज दुनिया में कई ऐसे लोग हैं जो अपनी दरियादिली से इंसानियत का ऐसा इतिहास रचते हैं जो कभी नहीं मिटता।

आज के समय में सबसे बड़ी इंसानियत है किसी जरूरतमंद की मदद करना। ऐसे ही एक जरूरतमंद परिवार के लिए उनकी मालकिन मसीहा बन कर सामने आईं। इसने अपने कर्मचारी के बेटे की जान बचा कर उनके अँधेरे हो रहे संसार में रौशनी भर दी।

6 साल का एक मासूम बच्चा आदित्य शिंदे जो कम उम्र में ही दिल में छेद होने की शिकायत से जिंदगी और मौत से जूझ रहा था पर अब उसे नई जिंदगी मिल चुकी है। आदित्य को नई जिंदगी उस शख्स ने दी है जिसके घर आदित्य के पिता ड्राईवर का काम करते थे। आदित्य अब 2 ओपन हार्ट सर्जरी और एक हार्ट ट्रांसप्लांट के बाद अब नई और दुरुस्त जिंदगी जीने के लिए तैयार है।

आदित्य के पिता ड्राइवर हैं। वह पिछले 10 सालों से श्रीराम परिवार के यहां नौकरी कर रहे हैं। इसी परिवार की मीना श्रीराम ने आदित्य की मदद की और उसके इलाज के लिए 25 लाख रुपयों का इंतजाम किया।

आदित्य के पिता बताते हैं, 'जब मेरा बेटा मुझसे पूछता कि वह बाकी बच्चों की तरह कब चल सकेगा, तो मैं समझ नहीं पाता कि उसे क्या जवाब दूं। मैं मीना श्रीराम के यहां ड्राइवर का काम करता था। उन्होंने और चेन्नई के डॉक्टर्स ने मिलकर उस समय मेरी मदद की जब मैं सारी उम्मीदें हार चुका था।'

लेकिन मीना जी मेरे परिवार के लिए मसीहा बन कर आईं जब मैंने उन्हें अपनी परेशानी बताई, तो उन्होंने अपने दोस्तों से संपर्क कर एक हफ्ते के अंदर 25 लाख रुपयों का इंतजाम कर लिया। उन्होंने मुझे बेटे का इलाज कराने के लिए जबरन चेन्नई भेजा।'

मीना श्रीराम ने आदित्य की जान बचा कर इंसानियत की एक नई परिभाषा लिखी है।