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इंजीनियरिंग स्टूडेंट को अब वेद-पुराण पढ़ना हुआ जरूरी, सिलेबस में हुए शामिल

एआईसीटीई ने इंजीनियरिंग छात्रों के लिए अब वेद, पुराणा, योग और तर्कशास्त्र की शिक्षा आनिवार्य कर दी है।

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Chandra Prakash Chourasia

Jan 25, 2018

engineering students

नई दिल्ली। ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) ने इंजीनियरिंग के लिए एक नया पाठ्यक्रम जारी किया है। इसके तहत इंजीनियरिंग के छात्रों को अब इंटरनेट और बुलेट ट्रेन के तकनीकी ज्ञान के साथ वेद, पुराण, योग और तर्कशास्त्र का भी अध्ययन करना होगा।


लागू हुआ पाठ्यक्रम, नहीं जुड़ेगा नंबर
भारतीय ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाने पर जोर देते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावेडकर ने कहा कि इंजीनियरिग कर रहे छात्रों से संविधान और पर्यावरण विज्ञान के जानकारी की भी अपेक्षा की जाती है और आगामी सत्र से सभी बदलाव के साथ नया पाठ्यक्रम लागू कर दिया जाएगा। हालांकि उन्होंने साफ किया कि ये सभी बदलाव अनिवार्य विषय के तौर पर पढ़ाए जाएंगे लेकिन उनका फाइनल क्रेडिट स्कोर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।


व्यावहारिक-प्रायोगिक ज्ञान जरुरी
नए पाठ्यक्रम में सैद्धांतिक ज्ञान की बजाय व्यावहारित और प्रायोगिक ज्ञान को वरीयता दिया गया है। जावेडकर ने उद्योगों की जरूरतों के आधार पर पाठ्यक्रम में वार्षिक तौर पर बदलाव को जरूरी बताया।


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