
नई दिल्ली। दिल्ली में आयोजित भारतीय प्रबंधन कॉन्क्लेव में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि पिछले 70 वर्षों में बुनियादी शोध के लिए किसी भी भारतीय को नोबेल पुरस्कार नहीं मिला। यह प्रतिभा की कमी का सवाल नहीं है।
यह भारत में शोध और अनुसंधान के लिए अनुकूल पर्यावरण या परिवेश की कमी का परिणाम है।
भारत में शोध और अनुसंधान के लिए प्रतिभाशाली छात्रों को प्रोत्साहित नहीं किया जाता। न ही ऐसा करने के लिए उचित माहौल है।
18 सौ वर्षो तक किया नेतृत्व
भारतीय प्रबंधन कॉन्क्लेव में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि भारत लगभग 1800 साल तक शिक्षा के क्षेत्र में उच्चतम शिखर पर बना रहा।
उस दौर में हम ज्ञान की दुनिया का नेता हुआ करते थे। इस लिहाज से ईसा पूर्व 600 से 1200 सदी तक का काल भारत के लिए स्वर्णिम काल रहा।
इसके बाद तक्षशिला, नालंदा, विक्रमशिला जैसे संस्थानों को नष्ट कर दिया गया। जबकि ये संस्थान उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी केंद्र थे।
बता दें कि 16 दिसंबर, 2018 को भी एक अकादमिक कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने तीन स्नातकों का उल्लेख किया जो भारतीय विश्वविद्यालयों से पढ़कर निकले लेकिन विदेशों में काम करते हुए प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार हासिल किया।
उन्होंने नोबेल पुरस्कार पाने वाले जिन भारतीय स्नातकों का जिक्र किया उनमें कलकत्ता विश्वविद्यालय से अमर्त्यसेन, पंजाब विश्वविद्यालय से हरगोविंद खुराना और सुब्रमण्यम चंद्रशेखर नाम शामिल है।
बुनियादी ढांचे विकसित करने की अपील
सात महीने पहले भी प्रणब मुखर्जी ने इस बात पर अफसोस जताया कि था कि देश में शिक्षा संस्थान प्रणाली में विद्यार्थियों के लिए उपयुक्त माहौल नहीं है।
मुखर्जी ने शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर के लिए बुनियादी ढांचे और गुणवत्ता स्तर को विकसित करने की शिक्षण संस्थाओं से अपील की।
सर सीवी रमण पहले और अंतिम भारतीय
उन्होंने कहा कि 1930 के बाद किसी भी भारतीय ने भारतीय विश्वविद्यालय में मूलभूत अनुसंधान पर काम करते हुए नोबेल पुरस्कार हासिल नहीं किया।
सर सीवी रमन शोध पर नोबेल पुरस्कार जीतने वाले पहले और आखिरी भारतीय थे।
स्कूली शिक्षा से ही शोध पर हो जोर
उन्होंने भारतीय प्रबंधन संस्थान के दसवें स्थापना दिवस कार्यक्रम में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी ढांचों में भौतिक विस्तार के साथ शिक्षा की गुणवत्ता भी स्कूल से शुरू करने पर जोर दिया था।
Updated on:
4 Aug 2019, 12:28 PM IST
Published on:
4 Aug 2019, 8:12 AM IST
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