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अमृतसर रेल हादसे का चश्मदीदों ने बताया खौफनाक मंजर, किसी का था हाथ गायब तो किसी का सिर

हादसे के वक्त रेलवे फाटक के पास ही रावण दहन का कार्यक्रम आयोजित किया गया था।

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Kapil Tiwari

Oct 19, 2018

Amritsar Train Accident

Amritsar Train Accident

अमृतसर। दशहरे के दिन खुशी के मौके पर पंजाब के अमृतसर में मातम पसर गया है। दरअसल, अमृतसर के चौड़ा बाजार इलाके में एक भीषण ट्रेन हादसा हो गया है, जिसमें 50 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबर है। चौड़ा बाजार इलाके के जोड़ा फाटक पर ये हादसा हुआ है। जानकारी के मुताबिक, फाटक के पास ही रावण दहन का कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें भारी मात्रा में भीड़ वहां जुटी हुई थी, जिस वक्त रावण दहन हुआ, उसी समय जालंधर-अमृतसर एक्सप्रेस वहां से तेज रफ्तार में गुजरी।

मौत के इस मंजर कई चश्मदीद मीडिया के सामने आए हैं। उन्होंने उस खौफनाक मंजर को अपनी आंखों से देखा है और उसे मीडिया को बताने की कोशिश की। चश्मदीदों का कहना है कि ये बहुत दर्दनाक हादसा है। कुछ ही पलों में खुशी का माहौल मातम में तब्दील हो गया।

क्या कह रहे हैं चश्मदीद

- लोगों का कहना है कि ट्रेन के गुजरने के बाद हर तरह लाशें ही लाशें नजर आ रही थी। हादसे के बाद कई लोग उन लाशों में अपनों को ढूंढ रहे हैं।

- चश्मदीदों के मुताबिक शवों की स्थिति बहुत खराब है,. किसी का हाथ गायब है तो किसी का सिर। उनके मुताबिक लाशों को देखने की हिम्मत तक नहीं है।

- एक चश्मदीद ने इस हादसे के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए बताया कि ऐसा मंजर उन्होंने फिल्मों में 1947 को लेकर देखा था और सुना था। 1947 के बाद अमृतसर में ऐसा मंजर पहली बार देखा गया जब यहां हर तरफ लाशें ही लाशें पड़ी हैं।

- चश्मदीदों ने ही बताया कि पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू भी आयोजन का हिस्सा थीं और जब हादसा हुआ तो वो मौके से निकल गईं।

- एक चश्मदीद ने बताया कि ये हादसा प्रशासन और दशहरा कमेटी की लापरवाही की वजह से हुआ है। ट्रेन के आने के पहले अलार्म बजाना चाहिए था।