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COVID-19: दिल्ली-फरीदाबाद बॉर्डर सील, टेस्टिंग लैब कर्मचारियों की बढ़ी परेशानी

Coronavirus के कारण दिल्ली-फरीदाबाद ( Delhi -Faridabad ) बॉर्डर सील दिल्ली में रहने वाले टेस्टिंग लैब ( Testing Lab ) कर्मचारियों की बढ़ी परेशानी फरीदाबाद ( Faridabad ) के एक मात्र सरकारी हॉस्पिटल में हो रहा कोरोना का टेस्ट

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delhi-faridabad border seal

दिल्ली-फरीदाबाद बॉर्डर सील होने के कारण बढ़ी परेशानी।

नई दिल्ली। पूरा देश इन दिनों कोरोना वायरस ( coronavirus ) की प्रकोप को झेल रहा है। इस वायरस को रोकने के लिए लॉकडाउन ( Lockdown 2.0) लागू है। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए कई राज्यों ने सख्ती से अपनी सीमाएं सील कर दी है। इसी कड़ी में हरियाणा सरकार ( Haryana Government ) ने दिल्ली ( Delhi ) से लगने वाली सीमाओं को भी बंद कर दिया है। खासकर, दिल्ली-फरीदाबाद ( Delhi- faridabad ) पर बॉर्डर काफी सख्ती बढ़ा दी गई है। इस बंद का असर का अब कई चीजों पर पड़ने लगा है। वहीं, फरीदाबाद टेस्टिंग लैब ( Testing Lab ) में काम करने वाले कर्मचारियों की भी मुश्किलें काफी बढ़ गई है।

कोरोना वायरस के खिलाफ हर जगह जंग जारी है। इसी कड़ी में दिल्ली के रहने वाले कई मेडिकल स्टाफ फरीदाबाद के हॉस्पिटल और टेस्टिंग लैब में काम करते हैं। लेकिन, बॉर्डर पर अचानक सख्ती बढ़ जाने से उन्हें आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है। दिल्ली की रहने वाली चारू जैन ( Charu Jain) का कहना है कि वह दिल्ली में रहती हैं, जबकि फरीदाबाद के सरकारी लैब में काम करती हैं। उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह आठ बजे जब वह फरीदाबाद जाने के लिए अपने घर से निकलीं तो उन्हें बॉर्डर पर रोक दिया गया।

उन्होंने बताया कि कई बार पुलिस से बात की, अपने काम के बारे में बताया, काफी मिन्नतें की उसके बाद उन्हें फरीदाबाद जाने दिया गया। चारू जैन का कहना है कि उनके पास मूवमेंट पास होने के बावजूद उन्हें जाने नहीं दिया जा रहा था। उनसे यहां तक कहा गया कि दोपहर के बाद वह बॉर्डर क्रॉस नहीं कर सकती हैं। उन्होंने इस परेशानी के कारण उनके सामने दो समस्याएं खड़ी हो गई। एक तो उनकी सात महीने का बेटा घर पर सास-ससुर के पास था। वहीं, दूसरी वो मरीज जो अपने रिजल्ट का इंतजार कर रहे थे।

उन्होंने बताया कि मैं बॉर्डर पर खड़ी थी, फोन की घंटी लगातार बज रही थी। हॉस्पिटल के सहयोगी लगातार फोन कर रहे थे। लेकिन, मुझे बॉर्डर क्रास करने की इजाजत नहीं मिल रही थी। चारू ने बताया कि मेरे पति दिल्ली बेस्ड सर्जन हैं। उन्होंने अपनी गाड़ी से मुझे हॉस्पिटल में ड्रॉप किया। उन्होंने बताया कि इन दिनों स्टाफ कम होने के कारण काम का ज्यादा प्रेशर है। ऐसे में काम करते-करते देर हो जाती है। लेकिन, समस्या ये है कि मेरा परिवार दिल्ली में है और मैं फरीदाबाद में काम करती हूं। लिहाजा, एक बाद की परेशानी बढ़ गई है कि घर से हॉस्पिटल और हॉस्पिटल से घर सही समय पर पहुंच सकूंगी की नहीं।

उनका कहना है कि मेरे ससुर हार्ट के मरीज हैं, जबकि मेरी सास पूरा घर संभालती है। ऊपर से मेरा एक छोटा बच्चा भी है। लिहाजा, बॉर्डर सील होने से काफी परेशानी बढ़ गई और आने-जाने में भी काफी दिक्कतें हो रही है। कोविड-19 के एक मात्र सरकारी हॉस्पिटल के डीन डॉक्टर एके पांडेय का कहना है कि हमारे यहां के कई कर्मचारी फरीदाबाद से बाहर रहते हैं। ऐसे में अगर उन्हे बॉर्डर पर प्रवेश करने से रोका जाएगा तो कोरोना की जांच का काम काफी प्रभावित होगा। लिहाजा, इस पर सोचने की सख्त जरूरत है। क्योंकि, स्टाफों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। यहां आपको बता दें कि हरियाणा सरकार ने ये कहते हुए दिल्ली से सटे सभी सीमाओं को सील कर दिया है कि दिल्ली से हरियाणा में कोरोना वायरस काफी फैल रहा है। हालांकि, सरकार की ओर से इस पूरे मामले पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।


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