
Farmers Protest: First Meeting Will Be Held On 21st January With Committee Set Up By Supreme Court
नई दिल्ली। तीनों नए कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर बीते करीब 2 महीने से राजधानी दिल्ली के बॉर्डर हजारों किसान धरने पर बैठे हैं। केंद्र सरकार किसानों के साथ 9 दौर की बातचीत भी कर चुकी है, लेकिन अब तक सरकार और किसान संगठनों के बीच कोई सहमति नहीं बन पाई है।
इस बीच यह मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच चुका है और अदालत ने किसानों और सरकार के बीच जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए तीनों नए कृषि कानूनों के लागू करने पर रोक लगा दी है और एक कमेटी गठित की है, जो दोनों पक्षों से बातचीत कर एक रिपोर्ट कोर्ट को सौंपेगी।
अब सर्वोच्च अदालत द्वारा गठित की गई कमेटी की पहली बैठक 21 जनवरी को सुबह 11 बजे होगी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी के एक सदस्य अनिल घनवट ने बताया कि अदालत ने हमें ये निर्देश दिया है कि किसान संगठनों (कृषि कानून के समर्थक और विरोधी) के प्रतिनिधियों की बातें सुनना है और एक रिपोर्ट तैयार कर कोर्ट को भेजनी है।
उन्होंने आज (मंगलवार) की बैठक के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि ये तय हुआ है कि किसानों के साथ 21 जनवरी को सुबह 11 बजे पहली बैठक होगी। इस बैठक में यदि किसी किसान संगठन के प्रतिनिधि नहीं आ सकते हैं तो हम वीडियो कॉंफ्रेंसिंग के जरिए उनकी बातें जानेंगे।
अनिल घनवट ने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार हमारे साथ आना या बोलना चाहती है तो हम उसका स्वागत करेंगे। हम सरकार का भी पक्ष सुनेंगे और फिर इस गतिरोध को खत्म करने के लिए अपने स्तर पर सर्वोच्च प्रयास करेंगे।
Updated on:
19 Jan 2021 05:28 pm
Published on:
19 Jan 2021 04:57 pm
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