28 अक्टूबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

नई समस्या: कोरोना के कारण इस साल दुनियाभर में पांच करोड़ अनचाहे गर्भ

Highlights. दुनियाभर में करीब 3.3 करोड़ महिलाओं को असुरक्षित गर्भपात का खतरा अमीर देशों में कोरोना महामारी से प्रजनन दर में बढ़ोतरी हुई अमरीकी थिंक टैंक गुट्टमाकर इंस्टीट्यूट के मुताबिक कोरोना प्रतिबंधों के कारण यौन स्वास्थ्य सेवाएं बिगड़ गईं
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

•

image

Ashutosh Pathak

•

Updated: 1 Nov 2020, 8:16 AM IST

abortion.jpg

नई दिल्ली।

कोरोना महामारी के कारण इस साल के अंत तक दुनियाभर में पांच करोड़ से ज्यादा अनचाहे गर्भधारण की संभावना है। वहीं 3.3 करोड़ असुरक्षित गर्भपात की भी आशंका है। अमरीकी थिंकटैंक गुट्टमाकर इंस्टीट्यूट के अनुसार कोरोना प्रतिबंधों के चलते यौन स्वास्थ सेवाएं चरमरा गई हैं। अनुमान है कि इस साल के अंत तक 5 करोड़ से अधिक महिलाओं तक गर्भनिरोधक नहीं पहुंच पाएंगे। इसके परिणाम स्वरूप उन्हें अनचाहा गर्भधारण करना होगा।

अमीर देश भी प्रभावित

अमीर देशोंं मेे कोरोना महामारी के कारण प्रजनन दर में बढ़ोत्तरी का अनुमान है। इस तरह सिंगापुर में कोरोना बीमारी से पहले प्रजनन दर १.१४ थी जो अब २.१ हो गई है।

गर्भनिरोधकों पर छूट दें
जानकार मानते हैं कि सरकारें गर्भनिरोधकों पर सब्सिडी व उनकी पहुंच महिलाओं तक आसान बना दें तो परिवार नियोजन को बल मिलेगा। नागरिकों के लिए बेहतर जीवन की नीतियां बनाने में सहज होंगी।

कंडोम वितरण में 23 फीसदी कमी
भारत में स्वास्थ्य सुविधाओं के आंकड़ों के अनुसार दिसंबर से मार्च तक गर्भनिरोधक गोलियों में 15% व कंडोम के वितरण में 23% की कमी आई है। यहां गांव -कस्बों, छोटे शहरों से लोग परिवार से दूर रहकर नौकरी करते हैं। मार्च में लॉकडाउन के बाद घरों को लौट गए। पाटर्नर के साथ अधिक समय बिताने का समय मिला, जिससे अनचाहे गर्भ व गर्भपात हो सकते हैं।

बड़ी खबरें

View All

विविध भारत

ट्रेंडिंग