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पीएम मोदी से मिले नेपाल के पूर्व पीएम प्रचंड, भारत-नेपाल के संबंधों पर हुई चर्चा

पीएम मोदी ने दहल के साथ पहले हुई मुलाकातों को याद किया और भारत-नेपाल संबंधों को मजबूत बनाने में उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया।

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Chandra Prakash Chourasia

Sep 08, 2018

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पीएम मोदी से मिले नेपाल के पूर्व पीएम प्रचंड, भारत-नेपाल के संबंधों पर हुई चर्चा

नई दिल्ली। नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री और नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के सह अध्यक्ष पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-नेपाल संबंधों में प्रगति तथा परस्पर महत्व के कई मुद्दों पर बातचीत की। पीएम मोदी ने दहल के साथ पहले हुई मुलाकातों को याद किया और भारत-नेपाल संबंधों को मजबूत बनाने में उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया।

सुषमा के साथ द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा

प्रधानमंत्री ने नेपाल की इस वर्ष की अपनी दो यात्राओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उच्च स्तर पर वार्ताओं के कारण दोनों देशों के संबंधों को गति मिली है। दहल विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से भी मिले और दोनों ने द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की।

बिम्सटेक सम्मेलन में शामिल होने नेपाल गए थे पीएम

बता दें कि पीएम मोदी हाल ही में बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए नेपाल गए हुए थे। कार्यक्रम खत्म होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल में पशुपतिनाथ धर्मशाला का उद्घाटन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि जब हम भारत में सबका साथ-सबका विकास की बात करते हैं तो उसमें हमारे पड़ोसी नेपाली भाई भी शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि नेपाल के लुम्बिनी ने गौतम बुद्ध दिया तो भारत के बोधगया में बौद्ध धर्म का जन्म हुआ। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच आस्था, अस्मिता और अपनेपन की साझेदारी सदियों से रही है। पीएम ने कहा कि भारत के संबंध नेपाल से काफी पुराने हैं।

भारत-नेपाल के बीच हुए कई समझौते

इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने नेपाली समकक्ष के.पी. ओली से यहां मुलाकात कर द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत की। नेपाल में एक रेल परियोजना के सर्वेक्षण को लेकर दोनों देशों ने एक ज्ञापन समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर भी किए। चौथे बिम्सटेक सम्मेलन के इतर दोनों देशों के नेताओं की यहां मुलाकात हुई। मोदी और ओली के बीच बीते छह महीने में यह तीसरी मुलाकात है। दोनों नेताओं अपने-अपने अधिकारियों को लंबित मसलों का समाधान शीघ्र करने के निर्देश दिए।