अहमद भारत और शारजाह के बीच आता-जाता रहता है। वो इस नंबर +9170852*22** का प्रयोग करता है। जांच में खुलासा हुआ है कि मोती ने फोन पर खलीक अहमद से पैसों के हेरफेर के बारे में पूछा। मोती ने दाऊद के किसी गुर्गे रजत भाई का नाम लेकर पैसों के बारे में पूछा था। दाऊद के गुर्गे रजत के अनुसार, खलीक ने बड़े हजरत (दाऊद) के नाम का दुरुपयोग कर पैसों का गबन किया है। खलीक की इस हरकत की वजह से बड़े हजरत के नाम को धक्का लगा है। उधर, जांच एजेंसियों को सूत्रों से पता चला है कि डी-कंपनी ने दो जासूसों को खलीक को पकड़ने के लिए दिल्ली से कनाडा 26 नवंबर 2015 को भेजा गया था। माना जा रहा है कि दाऊद के साथ फ्रॉड करने के बाद से खलीक अहमद मणिपुर में छिपा हुआ है।