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गांधी जी के सचिव वी कल्याण का छलका दर्द, बोले- आज के भारत से बेहतर था अंग्रेजों का राज

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के निजी सचिव ने जाहिर की पीड़ा, बोले- जब अंग्रेजों का शासन था तब देश में कहीं भी नहीं था भ्रष्टाचार।

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गांधी जी के सचिव वी कल्याण का छलका दर्द, बोले- आज के भारत से बेहतर था अंग्रेजों का राज

नई दिल्ली। मुझे लगता है आज के भारत से अंग्रेजों का राज बेहतर था, मैं मौजूदा समय में भी अंग्रेजों के शासन को ही प्राथमिकता दूंगा। ये दर्द छलका महात्मा गांधी के निजी सचिव वी कल्याणम का। 96 वर्षीय कल्याणम ने मदुरई अपनी इस पीड़ा को बयां किया। वे महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर आयोजित एक प्रदर्शनी कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे। गांदी संग्रहालय में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान वे पुरानी यादों में खो गए।

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कल्याणम ने बताया कि गांधी जी की वजह से हर कोई वक्त का पाबंद था। आश्रम में सुबह 3 बजे उठकर हर कोई प्रार्थना के लिए जुट जाता था। वे मुंह से बोलते और में एक पत्र लिखता था, इसके बाद मैं उन्हें जब सौंपता था तो वे पेंसिल से सुधार करके मुझे दोबारा देते हैं। एग्जीबिशन में गांधी जी की ओर से सुधार किए गए पत्रों को प्रदर्शित किया गया।
सच कहूं तो उस वक्त भले ही अंग्रेजों का राज था लेकिन वो भारत भ्रष्टाचार मुक्त भारत था। मौजूदा समय में देश में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार ने अपने पैर पसार लिए है, लेकिन अंग्रेजों के वक्त देश में भ्रष्टाचार नहीं था, खुद गांधी जी ने अंग्रेजों की सरकार के प्रबंधकीय कामों की सराहना की।

आजादी के बाद नेताजी ज्यादा बेहतर सरकार चलाते
कल्याणम ने ये भी कहा कि अगर आजादी के बाद देश की बागडोर नेताजी सुभाचंद्र बोस के हाथ होती तो वे बेहतर सरकार चलाते। कल्याणम ने इस दौरान एक हॉबी ट्रस्ट का उद्घाटन भी किया। इसका मकसद टिकट इकट्ठा करने जैसे कई तरह हॉबीज (शौक) को बढ़ावा देना है।

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कल्याणम पहले भी बंटोर चुके हैं सुर्खियां
देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को लेकर कुछ साल पहले दिए एक बयान में उनके निजी सचिव वी कल्याणम ने यह कहकर देश में हलचल पैदा कर दी थी कि 'हे राम' बापू के आखिरी शब्द नहीं थे। हालांकि बाद में वेंकट कल्याणम ने इस बयान पर अपनी सफाई दी और कहा कि उनके बयान को तब तोड़-मरोड़कर पेश किया गया था। उन्होंने दावा किया कि वह यह कभी नहीं बोले थे कि 'हे राम' बापू के अंतिम शब्द नहीं थे।