
सर्जिकल स्ट्राइक डे: तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल सुहाग ने खोले कई राज, बताया PM मोदी का साहसिक निर्णय
नई दिल्ली। शुक्रवार 28 सितंबर को भारतीय सेना की ओर से पाकिस्तान की धरती पर किए गए सर्जिकल स्ट्राइक को पूरे दो वर्ष पूरे हो गए। इस विशेष अवसर पर तत्कालीन सेना प्रमुख रिटायर्ड जनरल दलबीर सिंह सुहाग ने कई अंदरुनी राज से पर्दा उठाया है। पूर्व सेना प्रमुख ने बताया कि सर्जिकल स्ट्राइक से एक हफ्ते पहले 23 सितंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस बारे में जानकारी दी गई। जिसपर काभी चर्चा और उचित विचार-विमर्श के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी मंजूरी दे दी। भारतीय सेना ने इस काम को सफलतापूर्वक पूरा किया और देश को गौरवान्वित किया है। बता दें कि इस विशेष अवसर पर जनरल सुहाग ने पीएम मोदी के निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि 'पीएम द्वारा यह एक बहुत ही साहसी फैसला था’।
पाकिस्तान को एक मजबूत संदेश देना चाहते थे: सुहाग
आपको बता दें कि जनरल सुहाग ने आगे कहा कि हम पाकिस्तान को एक मजबूत संदेश देना चाहते थे कि लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) पार कर सकते हैं और उनपर वार भी कर सकते हैं। उन्हें नुकसान पहुंचा सकते हैं और बिना किसी खुद को हानि पहुंचाए सुरक्षित लौट भी सकते हैं।
देशभर में मनाया जा रहा है सर्जिकल स्ट्राइक डे
सर्जिकल स्ट्राइक पर जनरल सुहाग ने आगे बताया कि यह एक बहुत ही कठिन फैसला था। सबसे बड़ी बात कि चुनौतीपूर्ण था लेकिन भारतीय सेना ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश भेजने के लिए इसे सफलतापूर्वक अंजाम दिया। भारत यह बताना चाहता था कि हम ऐसा भी कर सकते हैं। बता दें कि सर्जिकल स्ट्राइक के दो वर्ष पूरे होने पर देशभर में भारतीय सेना के साहस और शौर्य को दिखाने के लिए पराक्रम पर्व मानाया जा रहा है। सरकार का कहना है कि इसके जरिए आम लोगों में देशभक्ति का संचार करना है और भारतीय सेना के पराक्रम को सबके सामने लाना है। मानव संसधान विकास मंत्रालय ने अपने एक बयान में कहा था कि देशभर के सभी विश्वविद्यालयों में सर्जिकल स्ट्राइक दिवस मनाया जाएगा। जिसके बाद विपक्ष और सरकार के बीच इसपर जमकर राजनीति हो रही है।
Published on:
29 Sept 2018 04:49 pm
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